मेरठ: व्यापारी की हत्या में दिव्यांग समेत तीन गिरफ्तार...अपहरण के बाद हत्या कर फिरौती मांगने की थी योजना

मेरठ। संघ कार्यकर्ता की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन को हिरासत में लिया है। सीसीटीवी कैमरें के कारण आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। तीनों से जब कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल लिया। बुधवार को एसएसपी व एसपी सिटी ने प्रेस क्रान्फ्रेंस कर मीडिया कर्मियों को पूरे मामले की जानकारी दी।
मेरठ में संघ कार्यकर्ता एवं व्यापारी सुनील गर्ग की हुई सनसनीखेज हत्या 48 घंटे में सिविल लाइन पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि हत्या की वारदात को अंजाम कर्ज में डूबे एक ग्राहक ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर किया था। पुलिस को व्यापारी का शव रिक्शे से ले जाते हुए सीसीटीवी फुटेज मिला। फुटेज के आधार पर हत्याकांड के सुराग मिले और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने हत्या के आरोप में बसंत कुमार उर्फ बसंता निवासी 129 हनुमानपुरी सूरजकुंड रोड थाना सिविल लाइन, आशु कपूर उर्फ हनी निवासी 9/6 नई सड़क शास्त्री नगर नौचंदी मेरठ हाल पता किरायेदार 126/4 फूलबाग कॉलोनी सिविल लाइन और सुशील कुमार निवासी शिशुलोक स्कूल के पीछे आर्य नगर सिविल लाइन मेरठ को गिरफ्तार किया है।
बतादें कि गत रविवार देर रात को आरएसएस के कार्यकर्ता सुनील गर्ग का शव एक बंद बोरे में नाले के पास पड़ी मिली थी। लाश का सिर, चेहरा और गर्दन कटा मिला था। इस घटना के बाद से इलाके के व्यापारियों में गुस्सा था। जांच के दौरान पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज में एक रिक्शे पर बोरा ले जाते हुए एक व्यक्ति दिखाई दे रहा है। पुलिस ने सीसीटीवी में दिख रहे व्यक्ति की तलाश कर पकड़कर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल लिया। पूछताछ के दौरान वसंत ने बताया कि कर्ज से परेशान होकर उसने यह रणनीति बनाई थी। बसंत ने बताया कि उसकी गली नंबर 6 फूलबाग कॉलोनी तथा नौचंदी मेरठ की कीर्ति इंजीनियर वक्र्र्स के नाम से नल की टोंटी बनाने की फैक्ट्री है। एक साल पहले बसंत के पिता का स्वर्गवास होने पर कारोबार खुद देख रहा था। बाजार में प्लास्टिक की टोंटियों का चलन बढने की वजह से लोहे की टोंटी के काम में नुकसान होने लगा था। लेबर का खर्चा निकलना मुश्किल होने लगा। पैसे की तंगी व कर्जदारों के तगादे से परेशान था। बसंत अपनी फैक्ट्री के लिए कच्चा लोहा मृतक व्यापारी सुनील गर्ग से प्राप्त करता था। जिसका उस पर लाखों रुपए उधार हो गया था। जिसका तगादा सुनील गर्ग समय समय पर उससे करते रहते थे। कर्ज से उबरने व पैसे कमाने के लिए बसंत ने अपना काम करने वाले विकलांग सुशील व उसके दोस्त हनी के साथ मिलकर सवा महीने पूर्व सूरजकुंड पार्क में बैठकर व्यापारी सुनील कर के अपहरण व हत्या की योजना तैयार की थी।
इन सभी की सुनील गर्ग का अपहरण कर हत्या कर के उसके परिवार के लोगों से 20 लाख रुपए फिरौती वसूलने की योजना थी। योजना के अनुसार हनी सिंह ने मोबाइल की व्यवस्था की तथा घटना वाले दिन सुनील ने फोन करके मृतक व्यापारी को पैसे लेने के लिए बसंत की फैक्ट्री पर बुलाया था जहां उनका कत्ल कर दिया गया। पुलिस ने घटना में चाकू तथा अन्य सामान भी बरामद किया है। इसके साथ ही तीनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया।

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