मेरठ: ओवरलोड ट्रक ने पेड़ को चपेट में लिया, जाम...एसडीएम के आदेश भी हुए हवा हवाई साबित, नहीं लग सका प्रतिबन्ध

मेरठ: ओवरलोड ट्रक ने पेड़ को चपेट में लिया, जाम...एसडीएम के आदेश भी हुए हवा हवाई साबित, नहीं लग सका प्रतिबन्ध

मेरठ। नगर के बीच से होकर गुजऱ रहे गन्ने के ओवरलोड ट्रक लोगों के लिए मुसीबत बने हुए है नगर में चारों और दिन भर जाम के हालात बने रहते है जिसके चलते राहगीरों के अलावा पुलिस को भी पसीना बहाना पड़ रहा है। तहसील रोड पर गन्नों के ओवरहाइट ट्रक ने सड़क किनारे खड़े पेड़ को अपनी चपेट में ले लिया। पेड़ सड़क पर गिरने के बाद घंटो तक लोगों को जाम से जूझना पड़ा। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रास्ता साफ़ कराया। लोगों की शिकायत के बाद उपजिलाधिकारी ने गन्ने के ट्रकों पर दिन में नो एंट्री का फरमान जारी किया था, लेकिन उसका असर दूसरे दिन ही हवा-हवाई साबित होता नजर आया था। गन्ने के ट्रक दिन भर दुर्घटनाओं को न्योता देते नजर आते है, ओवरलोड ट्रकों पर प्रतिबन्ध लगाने के लिए कई बार अधिवक्ता भी सड़क पर उतर चुके है। लेकिन कोई समाधान नहीं हो सका है।
सुबह गन्नों से भरा ओवरलोड व ओवरहाइट ट्रक जैसे ही तहसील रोड पर पहुंचा तो उसने एक पेड़ को अपनी चपेट में ले लिया था। पेड़ से उलझे गन्नों ने पेड़ को धराशाही कर दिया था। सड़क पर पेड़ गिरने के बाद दोनों और वाहनों की लंबी लंबी कतार लग गई घंटो तक लोग जाम में फंसे रहे। जिसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची और नगर पालिका की जेसीबी मंगाकर पेड़ को रास्ते से हटवाया। तब जाकर लोग अपने गंतव्य की और गए। बतादें कि गांव पिठलोकर, मुल्हेडा, कालंद, कलंदी, छुर, महादेव, झिटकरी, आदि में दौराला शुगर मिल ने गन्ना क्रिय केन्द्र बना रखे हैं। वहां से गन्ने भर कर चलने वाले ट्रक ओवरलोड व ओवरहाईट होकर चलते है, जो नगर के बीचो-बीच से होकर गुजऱते है जिसके चलते दिन भर बस स्टेण्ड पुलिस चौकी चौराहा, कालंद चुंगी चौराहा, बिनौली बस स्टेण्ड चौराहा व तहसील रोड जाम की चपेट में रहते है। जिसका असर नगर के बाजारों व मोहल्लों में भी पहुँचता है। ओवरलोड व ओवरहाइट होने के कारण इन ट्रकों के गन्नो की पुली कहीं भी गिर जाती हैं। जिसके चलते राहगीर हर समय खतरे के साए में रहते है, कई बार लोग उनकी चपेट में आकर घायल भी हो चुके है। कई बार ट्रक पलट जाते है, जिनसे कोई भी बड़ी घटना होती रहती है। यह ट्रक अब तक दर्जनों लोगों की जीवनलीला समाप्त कर चुके है। तहसील रोड पर भी कई बार ट्रकों से गिरने वाले गन्नो की पुली की चपेट में आकर कई अधिवक्ता भी घायल हो चुके है, जिसके चलते घटना से गुस्साए अधिवक्ताओं ने कई बार हंगामा भी किया और उपजिलाधिकारी को ज्ञापन देकर दिन के समय गन्नो के ट्रकों पर प्रतिबन्ध लगाए जाने की मांग की गई। लोगों की परेशानी को देखते हुए उपजिलाधिकारी ने पन्द्रह दिन पूर्व गन्नो के ट्रकों पर सुबह से शाम तक के लिए प्रतिबन्ध का आदेश जारी किया था, जिसका असर मात्र दो दिन देखने को मिला।

Share it
Top