मेरठ: चौधरी साहब को राष्ट्रीय राजनीति में लाने वाला मैं हूं: सत्यपाल मलिक

मेरठ: चौधरी साहब को राष्ट्रीय राजनीति में लाने वाला मैं हूं: सत्यपाल मलिक

मेरठ। मेरठ कालेज के 125वें वर्ष के स्वर्ण जयंती कार्यक्रम में भाग लेने आए बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि आज जो कुछ हूं मैं, इस कालेज की बदौलत हूं। मेरठ कालेज मेरी दूसरी मां है। इस दौरान उन्होंने कालेज परिसर में ऐतिहासिक संग्रहालय का शिलान्यास किया और सरकार की ओर से तीस लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
बतादे कि सत्यपाल मलिक मेरठ कालेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रहे हैं। इस दौरान वे कालेज छात्र जीवन से जुड़े चीजों को देखने के लिए कालेज के संग्रहालय पहुंचे। राज्यपाल ने अपने छात्रसंघ के कार्यकाल और छात्र आंदोलन की बातें छात्रों और वहां पर उपस्थित अतिथियों से सांझा की। वे उस क्लास रूम में भी गए जिसमें बैठकर वे कभी पढ़ाई किया करते थे। वे अपने हास्टल भी गए, जिस हास्टल में वे रहते थे। हास्टल की दुर्दशा देखकर उन्होंने अफसोस भी जाहिर किया।
उन्होंने छात्रों के संबोधित करते हुए कहा कि छात्र सर्वप्रथम अपनी पढाई पर ध्यान दें। अपने गुरूओं का आदर करें और उनका सम्मान करें। उन्होंने छात्रों को एकजुट होकर रहने का संदेश दिया।
आज की और तब की छात्र राजनीति में बहुत अंतर है। छात्र राजनीति पर बात करते हुए राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि उस दौर की छात्र राजनीति और अब की छात्र राजनीति में बहुत फर्क आ चुका है।
उन्होंने कहा कि हम अलग-अलग दल में होते हुए भी विरोधी दोस्तों के साथ एक साथ उठते बैठते थे। आज ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्तमान छात्र नेता अपने सीनियर्स से सबक ले। सत्यपाल मलिक ने कहा कि अगर वो चौधरी चरण सिंह का साथ न देते तो चौधरी चरण सिंह उप्र की सियासत तक सिमट कर रह जाते। चौधरी चरण सिंह को राष्ट्रीय राजनीति में लाने वाले वे ही हैं।
उन्होंने राष्टीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल की प्रशंसा की और कहा कि वे अजित डोभाल के साथ मेरठ कालेज में पढें हैं। अजित डोभाल भी छात्र राजनीति मे सक्रिय रहे और लोहिया के प्रबल समर्थकों में से एक थे। लेकिन बाद में अजित राजनीति से अलग हो गए।

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