मेरठ: बच्चों के व्यावसायिक यौन शोषण की मांग पर रोक लगाने की शपथ ली

मेरठ: बच्चों के व्यावसायिक यौन शोषण की मांग पर रोक लगाने की शपथ ली

मेरठ। बच्चों का व्यावसायिक यौन शोषण की मांग के घिनौने काम को रोकने के लिए प्रथम परामर्श बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मेरठ के सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने शहर प्रशासन के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ इस कारोबार में मांग के पहलू को रोकने के उपाय करने पर विस्तृत चर्चा की। वहीं, बच्चों के व्यावसायिक यौन शोषण के लिए मेरठ को शून्य सहनशीलता वाला जिला, मांग मुक्त जिला बनाने पर चर्चा भी की गई। यह परामर्श बैठक डॉ. पीएम नायर, चेयर-प्रोफेसर, टीआईएसएस (टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज) एवं इस शोध को पूरा करने वाले सलाहकार समूह चेंज मंत्राज द्वारा आयोजित की गई। बैठक के दौरान शिवराम यादव, पुलिस अधीक्षक, अपराध और सत्य प्रकाश पटेल, अतिरिक्त जिलाधिकारी की ओर से इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सूचनाप्रद तथा व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।
2०13 में प्रकाशित हुई संयुक्त राष्ट्र ड्रग्स और अपराध कार्यालय की मानव तस्करी विरोधी रिपोर्ट में बताया गया है कि देह व्यापार के लिए लड़कियों की तस्करी के लिए उत्तर प्रदेश एक स्रोत, परिवहन और गंतव्य स्थान बन गया है, जहां से ना सिर्फ देश के अंदर बल्कि सीमा पार भी गतिविधियां चलाई जाती हैं। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद, आजमगढ़, आगरा, शामली, मेरठ और फैजाबाद जैसे जिले इस कारोबार के स्रोत वाले स्थान माने जाते हैं और आगरा, इलाहाबाद, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर को इस घिनौने काम के लिए गंतव्य स्थान माने जाते हैं। समाज की इस बढ़ती समस्या को समझने के लिए चेंज मंत्राज द्वारा एक गहन शोध किया गया। शोध में उत्तर प्रदेश के अलावा केरल, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, महाराष्ट्र को शामिल किया गया। इस शोध में पुलिस द्वारा इस कारोबार को लक्ष्य बनाकर उठाए जाने वाले कदम की संभावना पर भी गौर किया गया, जिससे बच्चों के साथ देह व्यापार के ग्राहकों पर कार्रवाई करते हुए, इस गतिविधि की मांग पर रोक लगाई जा सकती है। मेरठ की बैठक के अंत में, सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने डॉ. नायर की इस बात से सहमति जताई कि अगले वर्ष के अंदर मेरठ को बच्चों के व्यावसायिक यौन शोषण से मुक्त बनाना होगा।

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