मेरठ: गन्ने से भरे ओवरलोड ट्रक लोगों के लिए बने मुसीबत का सबब

मेरठ: गन्ने से भरे ओवरलोड ट्रक लोगों के लिए बने मुसीबत का सबब

मेरठ। सरधना नगर के बीच से होकर गुजऱ रहे गन्ने के ओवरलोड ट्रक लोगों के लिए मुसीबत बने हुए है। नगर में चारों और दिन भर जाम के हालात बने रहते है जिसके चलते राहगीरों के अलावा पुलिस को भी पसीना बहाना पड़ रहा है। लोगों की शिकायत के बाद उपजिलाधिकारी ने गन्ने के ट्रकों पर दिन में नो एंट्री का फरमान जारी किया था लेकिन उसका असर दूसरे दिन ही हवा-हवाई साबित होता नजर आया। गन्ने के ट्रक दिन भर दुर्घटनाओं को न्योता देते नजर आते है, ओवरलोड ट्रकों पर प्रतिबन्ध लगाने के लिए कई बार अधिवक्ता भी सड़क पर उतर चुके है।
बतादें कि पिठलोकर, मुल्हेडा, कालंद, कलंदी, छुर, महादेव, झिटकरी, आदि गावों में दौराला शुगर मिल के गन्ना क्रिय केन्द्र बने हुए हैं। वहां से गन्ने भर कर चलने वाले ट्रक ओवर लोड व ओवर हाईट होकर चलते है, जो नगर के बीचो बीच से होकर गुजऱते है जिसके चलते दिन भर बस स्टेण्ड पुलिस चौकी चौराहा, कालंद चुंगी चौराहा, बिनौली बस स्टेण्ड चौराहा व तहसील रोड जाम की चपेट में रहते है। जिसका असर नगर के बाजारों व मोहल्लों में भी पहुँचता है ओवर लोड व ओवर हाईट होने के कारण इन ट्रकों के गन्नो की पुली कहीं भी गिर जाती हैं। जिसके चलते राहगीर हर समय खतरे के साए में रहते है, कई बार लोग उनकी चपेट में आकर घायल भी हो चुके है। कई बार ट्रक पलट जाते है जिनसे कोई भी बड़ी घटना होती रहती है। यह ट्रक अब तक दर्जनों लोगों की जीवन लीला समाप्त कर चुके है। तहसील रोड पर भी कई बार ट्रकों से गिरने वाले गन्नो की पुली की चपेट में आकर कई अधिवक्ता भी घायल हो चुके है, जिसके चलते घटना से गुस्साए अधिवक्ताओं ने वहां हंगामा भी किया, उपजिलाधिकारी को ज्ञापन देकर दिन के समय गन्नों के ट्रकों पर प्रतिबन्ध लगाए जाने की मांग की गई। लोगों की परेशानी को देखते हुए उपजिलाधिकारी ने आठ दिन पूर्व गन्नों के ट्रकों पर प्रतिबन्ध का आदेश जारी किया था, जिसका असर मात्र दो दिन देखने को मिला।

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