मेरठ: डेंगू से युवती की इमरजेंसी में मौत, हंगामा...हंगामें पर चिकित्सक और नर्स इमरजेंसी छोड़ भागे

मेरठ: डेंगू से युवती की इमरजेंसी में मौत, हंगामा...हंगामें पर चिकित्सक और नर्स इमरजेंसी छोड़ भागे

मेरठ। सीएमओ की माने तो जनपद में अभी तक डेंगू से पीडि़त एक भी मरीज की मौत नहीं हुई। जबकि बुधवार को डेंगू से पीडि़त युवती की उपचार न मिलने पर तडफ़-तडफ़कर मौत हो गई। युवती की मौत पर भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने इमरजेंसी के मेडिसिन चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। हंगामा होते ही इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक, नर्स और टैक्रिशियन मौके से रफुचक्कर हो गए। भाजपाई इस मुद्दे को लेकर प्रधानाचार्या का घेराव करेंगे।
मोनिका निवासी देवबंद कई दिनों से वायरल की चपेट में थी। जांच रिपोर्ट में माइक्रोबायोलॉजी लैब में मोनिका को डेंगू पॉजिटिव आया। इससे सोमवार की शाम परिजनों ने मोनिका को मेडिकल की इमरजेंसी में भर्ती कर दिया। पैलेट्स कम होने के चलते मोनिका की हालत बिगड़ रही थी। परिजनों का आरोप है कि रात्रि में मेडिसिन चिकित्सक डा. खान ने मोनिका के लिए चार यूनिट ब्लड़ की डिमांड की। जिसे सुबह 10 बजे ब्लड़ उपलब्ध करा दिया गया। आरोप है कि चिकित्सक व अन्य स्टॉफ ने सुबह से शाम चार बजे तक मोनिका का उपचार नहीं किया। इससे मोनिका की शाम पांच बजे मौत हो गई। इससे परिजनों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने डा. खान का घेराव कर दिया। मौके पर पहुंचे भाजपा युवा मोर्चा के यश गुप्ता कई साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और मेडिकल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना पर सीएमएस डा. अजीत मौके पर पहुंचे और मामले की जांच का आश्वासन देते हुए मामला शांत कराया।
मोनिका की मां ने डा. खान के पैर इमरजेंसी में ही पैर पकड़ लिए और बच्ची के उपचार करने की बात कही। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि डा. खान ने उन्हें यह कहते हुए दुत्कार दिया कि मरीज को सही ट्रीटमैंट मिल रहा है, ज्यादा जल्दी है तो कहीं प्राइवेट में ले जाओ।
इस बारे में सीएमएस डा. अजीत चौधरी ने कहा कि इमरजेंसी में भर्ती युवती को ब्रेन मैनीजाइटिस था, पैलेलेट्स भी कम थी। सोमवार को दो बार पैलेलेट्स चढ़ाई गई, बुधवार को ब्लड़ चढ़ाना था, लेकिन इससे पहले ही उसकी मौत हो गई। बाहर से आने वाले मरीज काफी गंभीर अवस्था में होते हैं। उपचार में कोई कोताही नहीं बरती गई।

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