मेरठ: मौसम बदलने से बढ़ रहे हैं डेंगू के मरीज

मेरठ: मौसम बदलने से बढ़ रहे हैं डेंगू के मरीज

मेरठ। मौसम के लगातार बदलते के चलते तथा रात व दिन के तापमान में भारी अंतर के चलते डेंगू के मरीजों में लगातार इजाफा हो रहा हैं। डेंगू के 22 नए मरीजों की पुष्टि हुई हैं। अब जिले में डेंगू मरीजों की संख्या लगभग दो सौ से ऊपर पहुंच गई हैं। डेंगू के बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह से जुटा है लेकिन विभाग के ये प्रयास कम पड़ते नजर आ रहे हैं। टीम डेंगू मरीजों के घर, कॉलोनी में पहुंचकर कंट्रेनर सर्वे, एंटी लार्वा स्प्रे समेत फॉगिंग कर रही हैं। सीएमओ मेरठ ने बताया डेंगू के बचाव के लिए जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने शास्त्रीनगर क्षेत्र में एंटी लार्वा स्प्रे और फॉगिंग कराई साथ ही डेंगू से बचाव के लिए लोगों को प्रेरित भी किया। कचहरी परिसर, ट्रेजरी और विकास भवन में एंटी लार्वा का स्प्रे कराया तथा शाम के समय फॉगिंग कराई गई। मलेरिया अधिकारी योगेश सारास्वत ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब की रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार को कई मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। शहर के पोर्श इलाकों जैसे क्षेत्रों में डेंगू के अधिक मरीज पाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डेंगू से बचने के लिए कूलर को सप्ताह में एक बार जरूर साफ करें। दोबारा पानी भरने से पहले टंकी को अच्छी तरह से सुखा लें। कूलर में एक चम्मच डीजल, पेट्रोल या मिट्टी का तेल नियमिल रूप से डालें। घर और आसपास पानी एकत्र न होने दें। रुके हुए पानी के स्थानों में कुछ बूंद मिट्टी का तेल या डीजल डाल दें। सोते समय मच्छरदानी या मच्छर भगाने की क्रीम या रिफल का प्रयोग करें। दैनिक प्रयोग के पानी को एकत्र करने के बर्तन, पानी की टंकी ढंक कर रखें। सप्ताह भर से ज्यादा दिन तक पानी एक जगह एकत्रित न रहने दें। पूरी आस्तीन की कमीज, मौजे पहनें, इससे मच्छर के काटने से बचा जा सकता है। डेंगू बुखार का कोई भी टीका नहीं होता है। इस रोग से पीडि़त व्यक्ति को दर्द निवारक, बुखार की दवा दी जाती है। रक्त की जांच डेंगू बुखार के पांच दिन बाद ही कराएं।

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