मेरठ: बरसात के कारण किसानों की फसल हुई बर्बाद

मेरठ: बरसात के कारण किसानों की फसल हुई बर्बाद

मेरठ। हस्तिनापुर क्षेत्र मे केवल बाढ़ ही नही बेमौसम बरसात भी तबाही का पैगाम लेकर आती है। नतीजाजन यहां के किसानों को कभी.कभी तो आधे से भी ज्यादा फसल का भाग हर साल गंवाना पड़ जाता है। खादर क्षेत्र में इस बारिश ने हजारों एकड़ धान व गन्ने की तैयार खड़ी फसल को प्रभावित किया है। खासतौर पर इन फसलो मे भारी नुकसान है्र पिछले चार दिनों तक पड़ी भंयकर बरसात ने खादर क्षेत्र के किसानों को हिलाकर रख दिया तेज हवाओं के पड़ी बारिश ने धान को खेत के अन्दर ही पानी मे गला दिया और गन्ने की तैयार फसल को भी धरती पर गिरा दिया। जिससे इसकी पैदावार में बहुत बडा अन्तर आयेगा। बारिश के बाद जख्मों पर नमक लगाने का काम किया बाढ़ के पानी ने। रविवार को टूटे गंगा बाध से तीव्र गति से पानी बाहर आया जो और इस समय तैयार खड़ी धान की फसल को बर्बाद कर दियाए जिससे क्षेत्र के किसानों के आगें संकट के बादल छा गये बेमौसम बरसात और कई बार ओलावृष्टि से बर्बाद हुई धान की फसल के साथ गन्ने को भी इसकी मार झेलनी पड़ती है। कई दिनों से परेशान किसान ने मंगलवार को बारिश रूकने पर राहत की सास ली, लेकिन बेमौसम हुई बरसात ने कई ग्रामीणों के साथ गजरौली निवासी जयप्रकाश के सपनों पर भी पानी फेर दिया। जयप्रकाश के खेत में इस बार तीन एकड़ बहुत ही बम्पर धान की फसल खड़ी थीए लेकिन बेमौसम बरसात के कारण इसमे पानी भर गया और ये गल कर गई। यही हाल तारापुर के किसान ध्यान सिंहए ओमपालए विजयपालए सतनामए मनीराम चौहान आदि की भी फसलो हो गया है। इस बारिश से खादर क्षेत्र मे हजारों एकड़ खड़ी धान और गन्ने की फसलों को भारी नुकसान है। अभी भी खेतो मे तीन से चार फीट पानी है। जिससे बाहर निकलने के लिये किसान पम्पिंग सैटो का प्रयोग भी कर है। इस बार धान की फसल से उन्हें कुछ उम्मीद थी परंतु बेमौसम बरसात से फसल खराब हो गयी क्षेत्र के लगभग 80 फीसदी किसानो का यही हाल है। साहूकारों का कर्ज होने की वजह से वह अब काफी परेशान हो गयें है। इस बारिश से किसानों को काफी नुकसान हुआ है।

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