मेरठ में एक घंटे तक भाजपा पर गरजी बसपा सुप्रीमो मायावती

मेरठ में एक घंटे तक भाजपा पर गरजी बसपा सुप्रीमो मायावती

मेरठ। मेरठ, हापुड और सहारनपुर मंडल के हजारों कार्यकर्ताओं के बीच महारैली में पहुंची बसपा सुप्रीमो ने मेरठ की क्रांतिधरा से अपनी महारैलियों की शुरूआत की। करीब एक घंटे चले उनके भाषण में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार उनके निशाने पर रहीं। दलितों के उत्पीडऩ से लेकर राज्यसभा से दिए गए अपने त्यागपत्र तक के लिए उन्होंने भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आरएसएस और हिंदुत्तव के एजेंडे पर चलकर देश में दंगे करा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि विरोध करने पर तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर दलितों और पिछड़ों का उत्पीडऩ किया जा रहा है।
वेदव्यासपुरी में आयोजित महारैली में बसपा सुप्रीमों मायावती करीब 12.40 पर पहुंची। मंच पर पहुंचते के कुछ देर बाद ही उन्होंने माइक संभाल लिया। उनके पूरे संबोधन में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार उनके निशाने पर रही। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने षडयंत्र के तहत ईवीएम में गड़बड़ी कर विधानसभा चुनावों में बसपा को नुकसान पहुंचाया। जिसका नतीजा रहा कि बसपा अपनी परंपरागत और मजबूत सीटों से भी हाथ गंवा बैठी। इस मामले को लेकर बसपा को सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा, लेकिन इस मामले में कोई हल नहीं निकला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सोची-समझी साजिश के तहत जगह-जगह दंगे करा रही है। महाराणा प्रताप जयंती पर सहारनपुर में साजिश के तहत दंगा कराया गया। सहारनपुर कांड पर उन्हें राज्यसभा में बोलने का मौका तक नहीं दिया गया। जिसके विरोध में उन्होंने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि इस्तीफा कोई बड़ी बात नहीं, बाबा साहेब ने भी कानून मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। बीएसपी के नेता हालात देखकर अपनी बात रखते हैं। भाजपा पर निशाना साधते हुए वह बोलीं कि जिस हिन्दुत्व का झंडा लेकर भाजपा हिन्दुओं की भगवा पार्टी होने का दम भरती है, वह डा. भीम राव अम्डेकर जी की देन है। महिलाओं के लिए बाबा साहेब ने हिन्दु कोड बिल तैयार किया था, बाबा साहेब देश की महिलाओं को समाज में पुरूषों के बराबर स्थान देना चाहते थे। बाद में हिन्दु कोड बिल टुकड़ो में पास हुआ। देश में लागू आरक्षण व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि दलितों और आदिवासियों के आरक्षण को सही ढंग से लागू न करने पर बाबा साहेब ने भी आपत्ति जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस से लेकर भाजपा तक हर पार्टी दलितों के हक को मारती रही है। प्रदेश की भाजपा सरकार ने दलितों को डराने के लिए भीम आर्मी नाम के दलित संगठन को मोहरा बनाया और उस पर दिखावी कार्यवाही की। भाजपा को दलित, मुस्लिम और व्यापारी विरोधी बताते हुए उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि सहारनपुर में हुई हिंसा में भाजपा साजिश के तहत उनकी हत्या कराना चाहती थी, लेकिन सौभाग्य से वह बच गईं। उन्होंने रैली में आई भीड़ का आभार प्रकट करते हुए माह की हर 18 तारीख को देश में विभिन्न स्थानों पर महारैली करने की घोषणा की। मायावती करीब एक घंटे तक धारा प्रवाह बोलती रहीं, लेकिन उनके निशाने पर भाजपा ही रही। हालांकि सपा को लेकर उनका रूख नर्म दिखाई दिया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। एसपी सिटी मानसिंह चौहान खुद सुरक्षा की कमान संभाले रहे। कई एएसपी, सीओ, थानेदार, पीएसी, महिला पुलिस और बम व डाग स्क्वायड भी मुस्तैद रहे। इससे पूर्व मायावती ने बाइपास स्थित एक रिसोर्ट में मेरठ और सहारनपुर मंडल के बसपा नेताओं से बातचीत करते हुए पार्टी को मजबूत बनाने की रणनीति तय की। हालांकि कई दिनों के मौन के बाद मेरठ से महारैली की शुरूआत करने पहुंची मायावती की रैली में उम्मीद से कम भीड़ नेताओं के माथे पर चिंता की लकीरों का कारण बनी रही। रेली में पूर्व सांसद हाजी याकूब कुरैशी, पूर्व विधायक योगेश वर्मा, हाजी इमरान कुरैशी, सतेन्द्र सौलंकी, अतर सिंह राव दिनेश कुमार जाटव, टीटू शर्मा आदि भी शामिल रहे।

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