मेरठ: बैंक खाते से रूपये निकालने वाले शातिर अन्तर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश

मेरठ: बैंक खाते से रूपये निकालने वाले शातिर अन्तर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश

मेरठ। क्राइम ब्रान्च मेरठ की टीम ने बैंक खाता धारको के खातों से रजिस्टर्ड मोबाइल न बर को बदलकर अपना न बर रजिस्टर्ड करा खाता धारक के खाते पर फर्जी तरीके से एटीएम जारी कर, तथा क्षेत्रीय पोस्टमैन से साठ-सांठकर एटीएम लेकर धोखाधड़ी से खाता धारक के खाते से रूपये निकालने वाले शातिर अन्तर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करने में सफलता हासिल की। एसपी क्राइम ब्रांच शिवराम यादव ने पत्रकार वार्ता में मीडिया को जानकारी दी। क्राइम ब्रान्च की साईबर सेल के द्वारा तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जिनके पास से खातो रजिस्टर्ड कराये गये 4 मोबाइल फोन व नम्बर, 18 हजार दौ सौ रूपये नगद, एटीएम वीजा कार्ड, नकदी व जारी कराये गये एटीएम आदि के फर्जी दस्तावेज बरामद हुये हैं। एसपी क्राइम ब्रांच ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में राजीव गुप्ता उर्फ पिन्टू उर्फ दीपक पुत्र मामचन्द निवासी 145/3 जागृति विहार थाना मेडिकल, राहुल कुमार उर्फ जितेन्द्र सिंह पुत्र कुवरपाल सिंह निवासी 603 जागृति विहार सेक्टर-7 थाना मेडीकल तथा अनुज कौशिक पुत्र जगदेव कौशिक निवासी गा्रम शाहपुर जैनपुर थाना रोहटा मेरठ हैं। उन्होंने बताया कि पीडि़त टीटू कुमार पुत्र जयपाल सिंह गांव जटौली थाना कंकरखेड़ा का खाता एसबीआई कंकरखेड़ा मे है, जिस पर उसने एटीएम ले रखा है। जब पिछले गुरूवार को पैसे निकालने के लिये अपना एटीएम कार्ड प्रयोग किया तो एटीएम ने काम नही किया तो उसने सोचा कि एटीएम खराब हो सकता है। बैंक में जानकारी करने पर उसे पता लगा कि उसके खाते से एटीएम के माध्यम से पिछले तीन दिनों में 40-40 हजार रूपये जेलचुगी मेरठ, मसूरी व देहरादून से कुल 1 लाख बीस रूपये निकाल लिये गये है। जबकि उसके खाते का एटीएम उसके पास था। पीडि़त द्वारा इसकी शिकायत एसएसपी सेकी गयी तो एसएसपी मंजिल सैनी ने इसकी जॉच साईबर सेल को दी। साईबर सेल के द्वारा जांच करने पर ऐसे ही ठगी के कई और मामले सामने आए। पूछताछ करने पर आरोपी राजीव गुप्ता उर्फ पिन्टू कुमार उर्फ दीपक कुमार ने डिटेल में बताया कि वह अपने साथी राहुल कुमार के साथ एसबीआई बैक की शाखाओं मे जाता रहता है। शाखा में जाने के बाद रूपये जमा करने वाला फार्म लेकर लोगों को दिखाने के लिये फार्म भरता है। राहुल इसी दौरान जो व्यक्ति उसके पास में आकर अपना वाउचर चौक आदि भरता है। तो उसके हस्ताक्षर का चुपके से फोटो खींच लेते है और उसका एकाउण्ट नम्बर नोट करके अपने साथी अनुज कौशिक जो एसबीआई कंकरखेडा मेरठ मे काम करता है, से उस खाते का बैलेंस व रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के बारे मे जानकारी कर लेते है। इसके उस व्यक्ति के हस्ताक्षर बनाने की खूब प्रैक्टिस करते है। जब हस्ताक्षर खाता धारक के हस्ताक्षर से हूबहू मेल करने लगते है। तो उसके खाते मे सबसे पहले फर्जी आईडी पर लिया गया मोबाइल नम्बर रजिस्टर्ड करवाते है। उसके बाद उस खाते में अपना मोबाइल एसएमएस अलर्ट के लिये दर्ज करवाते है। उसके बाद उस बैक खाते पर दूसरा एटीएम लेने के लिये खाता धारक के साइन करके सोमवार के दिन प्रार्थना पत्र बैंक मे लगा देते है। सोमवार के दिन बैक में ज्यादा भीड़ होने के कारण बैक कर्मी साइन व खाता धारक के फोटो के मिलान पर ज्यादा गौर नही करते है। उसके बाद बैंक खाते में रजिस्टर्ड कराये गये मोबाइल नंबर से बैंक के टोल फ्री नंबर पर कॉल करके एटीएम इश्यू होने की जानकारी करने के बाद डिस्पैच नंबर की जानकारी करते है और क्षेत्रीय पोस्टमैन को रूपये देकर उससे खाता धारक का एटीएम ले लेते है। इस तरह उन्होंने रिटायर कर्नल सवाई सिंह के एटीएम का नंबर, सीवीवी कोड, एटीएम की वैधता तिथि, नोट करने के लिये 10 हजार रूपये पोस्टमैन राधेश्याम निवासी कसेरूखेड़ा को दिये। इसके अलावा हवलदार प्रवीन कुमार के एटीएम देने के लिये 10 हजार रूपये पोस्टमैन राधेश्याम ने लिये। यह एटीएम राधेश्याम ने उन लोगो को उस दिन दिया जब क्षेत्रीय पोस्टमैन अवकाश पर था। पूछताछ के दौरान यह भी पता चला कि पकड़े गये आरोपी राजीव गुप्ता ने बीए, राहुल उर्फ जितेन्द्र व अनुज कौशिक ने हाईस्कूल कर रखी है।

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