मेरठ: तलाक देने वाले आरोपी को पुलिस ने थाने से ही छोड़ा

मेरठ: तलाक देने वाले आरोपी को पुलिस ने थाने से ही छोड़ा

मेरठ। पूरे देश में तीन तलाक का मुद्दा चर्चित मुद्दों में से एक रहा जिसके लेकर मुस्लिम समाज के धर्म गुरुओं व भाजपा नेताओं के बीच जमकर बहस भी हुई, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने गत 22 अगस्त को तीन तलाक के मुद्दे पर अपना फैसला सुनाते हुए उसे असंवैधानिक करार दे दिया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कुछ घंटों बाद ही सरधना में तीन बच्चों की माँ को भरी पंचायत के बीच तलाक दे दिया गया था। जिसके बाद पीडि़ता ने पति सहित 6 लोगों के खिलाफ तहरीर देकर कार्यवाई की मांग की थी। इस मामले में पुलिस ने भारी दबाव के चलते मुकदमा कायम कर लिया था। जिसके बाद आरोपी पति को गिरफ्तार भी कर लिया गया था। पुलिस इस मामले में शुरू से ही लीपा पोती करने में जुटी थी। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ़्तार तो किया लेकिन मीडिया से छुपाने का प्रयास किया। बाद में आरोपी को कुछ घंटों बाद ही छोड़ दिया गया। आरोपी को छोडऩे के बाद पीडि़त पक्ष हैरान रह गया। अब पीडि़ता आधिकारियों का दरवाजा खटखटा कर इन्साफ की गुहार लगाएगी।
बतादे की सरधना के मोहल्ला कमरा नवाबान निवासी साबरीन पुत्र यामीन ने 6 वर्ष पूर्व अपनी पुत्री अरशी निदा का निकाह मोहल्ले के ही सिराज खान पुत्र रियाज खान के साथ किया था। अरशी निदा के मुताबिक़ निकाह के बाद से ही उसके ससुरालियों ने दहेज़ की खातिर उसका उत्पीडऩ करना शुरू कर दिया था। बीच उसने तीन बच्चो को जन्म दिया कुछ माह पूर्व उसके पुत्री पैदा हुई थी। जिसकी छटी के नाम पर उसके ससुरालियों ने सेंट्रो कार के साथ एक लाख की नगदी भी मांगी। मांग पूरी न होते देख उसके ससुरालियों ने मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया था। इस संबंध में उसने अपने ससुरियों के खिलाफ थाने में तहरीर देकर कार्यवाई की मांग की थी। सिराज ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को उसका और इस फैसले को अपना फैसला बताकर सुप्रीम कोर्ट का मजाक उड़ाया था और तीन तलाक बोलकर अपनी पत्नी को तलाक दे दिया। पीडि़ता ने अपने पिता व भाई के साथ थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ कार्यवाई की मांग की थी। पीडि़ता ने पति सिराज, ससुर रियाज, सास मोइना, नन्द ज़ीनत,दरक्शा,व रिज़वाना चचिया ससुर सलीम पुत्र बाबू को नामजद किया था। पीडि़ता अरशी निदा ने बताया की तीन बच्चो के अलावा वह गर्भ से भी है।
एसपी देहात ने मामले का संज्ञान लिया और मुकदमा कायम करने का आदेश दिया था। जिसके बाद पुलिस ने धारा 498 (अ) 323,316,506 -आईपीसी व दहेज़ अधिनियम 3/4 के तहत मुकदमा कायम किया था। इस मामले में आरोपी पति सिराज खान को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया था। लेकिन पुलिस इस गिरफ़्तारी को भी छुपाने का प्रयास कर रही थी। एसपी देहात ने आरोपी के गिरफ्तार करने की बात को साफ़ कर दिया था। इसके बावजूद सरधना पुलिस ने कुछ घंटों के बाद आरोपी को छोड़ दिया है। जिसके बाद पीडि़त पक्ष हैरान रह गया। जब उसने सरधना पुलिस से आरोपी को छोडऩे की बात जानना चाही तो पुलिस ने कोई संतोष जनक जवाब नहीं दिया। जिसके चलते अब पीडि़ता आधिकारियों से मिलकर कार्यवाई की गुहार लगाएगी।

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