मेरठ: हिण्डन को प्रदूषण मुक्त बनाना हम सबका नैतिक दायित्व: आयुक्त

मेरठ: हिण्डन को प्रदूषण मुक्त बनाना हम सबका नैतिक दायित्व: आयुक्त

मेरठ। आयुक्त सभागार में हिण्डन व उसकी सहायक नदियों में औद्योगिक प्रवाह पर नियंत्रण किये जाने के सम्बंध में आहुत बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयुक्त डा. प्रभात कुमार ने हिण्डन व उसकी सहायक नदियों के आसपास स्थापित उद्योंगो का बेस पेपर 15 दिनों में तैयार करने, हिण्डन से सम्बंधित सभी जिलों में प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिये चार सदस्यीय टीम का गठन करने, प्रभावी व सतत निरीक्षण करने, नियमों को उल्लंघन करने पर अनुकरणीय दण्डात्मक कार्यवाही करने, खतरनाक व भारी मेटल का उपयोग करने वाली कम्पनी को चिन्हित कर उनके औद्योगिक निकास की जांच कराने के निर्देश दिये।
आयुक्त ने हिण्डन से सम्बंधित सातों जिलों में प्रदूषण नियंत्रण पर प्रभावी कार्यवाही के लिये चार सदस्यीय टीम जिसमें प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी, राजस्व विभाग के अधिकारी, प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता व प्रतिष्ठित प्रिंट मीडिया के एक प्रतिनिधि को सदस्य नामित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि औद्योगिक घरानों का औचक निरीक्षण कर वहां की औद्योगिक वेस्ट की स्थिति को जाने तथा पारदर्शिता व सर्तकता से कार्य करें। हिण्डन व उसकी सहायक नदियों के आस पास बसे उद्योग कौन सा उत्पाद बनाते है, कौन-सा बॉयो प्रोडक्ट बनाते है, कौन-सा कच्चा माल प्रयोग करते है, कौन सा पानी उपयोग करते है तथा अपना औद्योगिक वेस्ट कहा गिराते है आदि के सम्बंध में प्रत्येक उद्योग का एक बेस पेपर आगामी 15 दिनों में तैयार करने के लिए निर्देशित किया। आयुक्त ने कहा कि नदी व नालों में औद्योगिक वेस्ट डालने वाली कम्पनी पर नजर रखें तथा नियमों के उल्लंघन पर कार्यवाही करें। उन्होंने हिण्डन से सम्बंधित सातों जिलों में पेन्ट वार्निश, इलैक्ट्रो प्लेटिंग से सम्बंधित कम्पनियों जिनका औद्योगिक वेस्ट हिण्डन व नालों में गिरता है उनको सूचीबद्ध कर आख्या प्रेषित करने के निर्देश दिये।
आयुक्त ने कहा कि हम जमीन से लेते है और जमीन को खराब करने का हक हम मे से किसी को भी नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को कत्र्वय को अपना धर्म मानकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उनके संज्ञान में आया है कि कुछ उद्योग अपने औद्योगिक वेस्ट को अपने औद्योगिक परिसर में जमीन में ही दबा देते है जोकि एक गलत तरीका है तथा इससे भूजल भी प्रभावित होता है। उन्होनें इसकी जांच कराने के निर्देश दिये। इस अवसर पर उपायुक्त उद्योग ऋषि रंजन गोयल, यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुजफ्फरनगर के एएसओ डीसी पाण्डेय, नोएडा के एईई उत्सव शर्मा, एसएस सिंह, मेरठ के एईई विजय, गाजियाबाद के एईई बीके सिंह, अधीक्षण अभियंता सिंचाई विभाग एचएन सिंह, सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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