विद्युत चोरी रोकने को 'क्लीन-अप' अभियान, 2465 के विरूद्ध मुकदमा दर्ज

विद्युत चोरी रोकने को क्लीन-अप अभियान, 2465 के विरूद्ध मुकदमा दर्ज

मेरठ। पश्चिमांचल डिस्काम के मेरठ, नोएडा, सहारनपुर, बुलन्दशहर, मुरादाबाद एवं गाजियाबाद के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 1 जून, 2019 से ग्रामीण वितरण क्षेत्रों के 50 प्रतिशत से अधिक एवं शहरी क्षेत्रों के 30 प्रतिशत से अधिक 11 के०वी० 431 हाई लॉस फीडरों पर अधिक भार वाले उपभोक्ताओं की चैकिंग हेतु 'क्लीन-अप' अभियान प्रतिदिन व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रबन्धन द्वारा अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर 'क्लीन-अप' अभियान में तेजी लाने के निर्देश पूर्व मे ही दिये जा चुके है। अभियान में चिन्हित किये गये फीडरों पर इनर्जी ऑडिट के आधार पर, चिन्हित कम उपभोग वाले संदिग्ध विद्युत उपभोक्ताओं के परिसरों पर, मीटर की चेकिंग तथा विद्युत चोरी की रोकथाम के लिए रेड्स तथा मीटर टेम्परिंग/छेड़छाड़ इत्यादि पाये जाने पर, नियमानुसार अपराधिक मामला भी दर्ज कराया जा रहा है।

डिस्काम के अन्र्तगत ग्रामीण क्षेत्रों में विगत 17 जुलाई तक कुल रू० 5000 से अधिक राशि के 32131 बकायेदारो के संयोजन विच्छेदित किये गये एवं 1085.40 लाख की राजस्व वसूली की गयी। आईडेन्टिव डिफेक्टिव (आई०डी०एफ०) मीटर के प्रकरणों में 7888 नये मीटर बदले गये। अभियान में 1568 कनेक्शनों के विरूद्ध एफ०आई०आर० दर्ज करायी गयी। शहरी क्षेत्रों के अन्र्तगत रू० 10,000 से अधिक बकायेदारों के 14575 संयोजन मौके पर विच्छेदित किये गये एवं 2003.90 लाख की राजस्व वसूली की गयी। अभियान में 897 कनेक्शनों के विरूद्ध एफ०आई०आर० दर्ज करायी गयी।

आशुतोष निरंजन (आईएएस) प्रबन्ध निदेशक, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लि०, मेरठ द्वारा बकायेदार उपभोक्ताओं से अपील की गयी है कि किसी अप्रिय कार्यवाही से बचने के लिये अपना बकाया तुरन्त जमा करायें। 'क्लीन-अप' अभियान जारी हैं। संदिग्ध उपभोक्ताओं पर आकस्मिक चेकिंग कराई जा रही है। बकायेदार जिन्होनें बिल जमा नहीं किया है, को सम्मिलित करते हुए सभी बकायेदारों से वसूली हेतु विद्युत विच्छेदन की कार्यवाही की जा रही है।

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