इस लेडी टीचर ने प्राइमरी स्कूल को बना दिया इतना अच्छा...यहां एडमिशन के लिए लगती है लाइन

इस लेडी टीचर ने प्राइमरी स्कूल को बना दिया इतना अच्छा...यहां एडमिशन के लिए लगती है लाइन

मेरठ का सरकारी प्राइमरी विद्यालय यूपी का पहला ऐसा स्कूल है जहां स्मार्ट क्लासेस, लाइब्रेरी सहित कई इंतजाम हैं। लोग अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल से निकाल इस स्कूल में भेज रहे हैं। यहां खेल के लिए सामान, बच्चों को रोजगार परक शिक्षा/प्रशिक्षण, लड़कियों को सिलाई-कढ़ाई, आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है।

मेरठ के प्राइमरी विद्यालय, राजपुर का हाल दूसरी जगहों की तरह ही था, लेकिन अब तस्वीर बदल गई है। यहां की टिचर पुष्पा यादव अब मिसाल बनी चुकीं हैं। उन्हें यूपी की बीजेपी सरकार द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। जिला प्रशासन द्वारा सम्मान बेस्ट टीचर अवार्ड, समाज कल्याण ट्रस्ट द्वारा बेसिक शिक्षा रत्न अवार्ड सहित कई अवार्ड दिए जा चुके हैं। पुष्पा बताती हैं कि स्कूल में चार दीवारी तक नहीं थी। दूर से देखने पर झाड़ी से ढका जर्जर भवन दिखाई देता था। उन्होंने इस स्कूल को बदलने का ठान लिया। विभाग से अनुरोध कर सबसे पहले चारदीवारी बनवाई। इसके बाद की कोशिशें खुद ही कीं।

पुष्पा बताती हैं कि उन्होंने जेब से रुपए खर्च कर बड़ा गेट लगवाया। स्कूल की दीवारों पर पेंटिंग अपनी भाभी के साथ मिलकर खुद की। साफ़-सफाई कराई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों से संपर्क किया। किसी ने फर्नीचर उपलब्ध कराया तो किसी ने स्मार्ट क्लास के लिए एलईडी सहित दूसरा सामान। लाइब्रेरी में बच्चों को पढ़ने के लिए अलग टाइम दिया जाता है। लाइब्रेरी की किताबें उन्होंने खुद जुटाई हैं।

पुष्पा बताती हैं कि गांव में कई दिव्यांग बच्चे थे जो स्कूल नहीं जा पाते थे। उन्होंने व्हील चेयर की व्यवस्था कराई। दिव्यांग बच्चों को फिजियोथेरेपी के जरिए ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। स्कूल में 155 एडमिशन हैं। उपस्थिति शत-प्रतिशत रहती है।

Share it
Top