आय से अधिक संपत्ति के मामले में मेरठ विकास प्राधिकरण का बर्खास्त बाबू गिरफ्तार

आय से अधिक संपत्ति के मामले में मेरठ विकास प्राधिकरण का बर्खास्त बाबू गिरफ्तार


मेरठ। जिले के सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाते हुए आज एंटी करप्शन की टीम ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में मेरठ विकास प्राधिकरण के एक बर्खास्त बाबू को गिरफ्तार किया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद एमडीए के कई कर्मचारियों में हड़कंप मचा है। एंटी करप्शन की टीम ने मेडिकल थाना पुलिस की मदद से आरोपी को जेल भेज दिया है।

एंटी करप्शन डिपार्टमेंट के इंस्पेक्टर चंद्रभान शर्मा ने बताया कि मेडिकल थाना क्षेत्र के अग्रसेन विहार का निवासी महावीर प्रसाद मेरठ विकास प्राधिकरण में लिपिक के पद पर कार्यरत था। वर्ष 2010 में एक व्यक्ति द्वारा महावीर प्रसाद के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत की गई थी। जिसके बाद वर्ष 2016 तक चली जांच में महावीर प्रसाद को दोषी पाया गया। दरअसल जब महावीर प्रसाद की 2001 से लेकर 2010 तक का आय का लेखा-जोखा खंगाला गया तो उसकी पोल खुल गई।

टीम को जानकारी मिली कि 10 वर्षों में महावीर प्रसाद की कुल आय 13 लाख थी, मगर उसने लगभग 50 लाख की रकम का खर्चा किया था। इंस्पेक्टर चंद्रभान शर्मा ने बताया कि इस खुलासे के बाद वर्ष 2016 में सिविल लाइन थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसकी तफ्तीश जारी थी। इसी बीच महावीर प्रसाद को मेरठ विकास प्राधिकरण से बर्खास्त भी कर दिया गया था। आज एंटी करप्शन डिपार्टमेंट की टीम आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पहुंची तो उसके घर में हड़कंप मच गया। टीम में शामिल अधिकारियों ने बिना कोई देरी किए आरोपी महावीर प्रसाद को हिरासत में ले लिया। जिसके बाद मेडिकल थाने में उसकी लिखा पढ़ी कराने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। उधर इस पूरे प्रकरण के बाद मेरठ विकास प्राधिकरण के कई कर्मचारियों में हड़कंप मचा है।


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