भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा प्रमाणित नवीन तकनीक से बने स्मार्ट मीटर

भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा प्रमाणित नवीन तकनीक से बने स्मार्ट मीटर

मेरठ। मेरठ शहर में स्थापित किये जा रहे स्मार्ट मीटरों के सम्बन्ध में सामान्य जागरूकता लाये जाने एवं 'स्मार्ट मीटरिंग अनुश्रवण सेल' द्वारा की जाने वाली कार्यवाही के सम्बन्ध में आज दोपहर 3 बजे कार्यालय मुख्य अभियन्ता(वि०), मेरठ क्षेत्र, मेरठ स्थित सभागार में एस०बी० यादव मुख्य अभियन्ता मेरठ क्षेत्र मेरठ द्वारा प्रेस-कान्फ्रेंस आयोजित की गयी।

एस०बी० यादव मुख्य अभियन्ता मेरठ क्षेत्र मेरठ ने बताया कि स्मार्ट मीटर एडवांस्ड मिटरिंग इफ्रास्ट्रक्चर (एएमआई) के तहत किए जा रहे व्यापक उपायों का ही अंग है, जिनसे दिन के विभिन्न कालखंडों में उपभोक्ताओं के बिजली उपयोग को मापा और दर्ज किया जाता है व इस सूचना को जीपीआरएस तकनीक की मदद से बिजली आपूर्तिकर्ता तक पहुंचाया जाता है।

इससे उपभोक्ताओं को यह सूचना आसानी से मिल पाती है। साथ ही वह अपने घरों में बिजली के उपयोग के बारे में इस सूचना के आधार पर ज्यादा अच्छे फैसले ले पाते हैं। इससे बिजली की चोरी, मीटर को बायपास करने, मीटरों के खराब होने या मीटर रीडिंग में गलती की वजह से होने वाली कुल तकनीकी और वाणिज्यिक (एटी एंड सी) हानि पर तुरंत नियंत्रण किया जा सकता है।

इससे बिजली ग्रिड से हासिल होने वाली हर किलोवॉट बिजली का हिसाब-किताब रखा जा सकता है, इनका बिल तैयार किया जा सकता है, बिजली क्षेत्र के सुधार के लिए स्मार्ट मीटर तकनीक बहुत अहम है। कार्यक्रम के तहत 2.7 लाख पारंपरिक मीटरों की जगह स्मार्ट मीटर लगाए जाने का लक्ष्य है, जिससे बिलिंग दक्षता में 80 से 100 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होगी।

स्मार्ट मीटर के सम्बन्ध में मेरठ क्षेत्र, मेरठ कार्यालय में स्मार्ट मीटरिंग अनुश्रवण सेल का गठन किया गया है, जिसके माध्यम से स्मार्ट मीटर के सम्बन्ध में कार्यालय में सभी सम्मानित उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायत/सुझावों (मोबाइल नं० 9193330130) पर निर्धारित समयावधि में कार्यवाही की जायेगी।

उल्लेखनीय है कि प्रबन्ध निदेशक महोदय, के निर्देशन में डिस्काम स्तर पर स्मार्ट मॉनिटरिंग सेल का गठन किया गया है। स्मार्ट मीटर द्वारा उपभोक्ता का बिल बनने के उपरान्त उपभोक्ता के मीटर पर बिल की धनराशि, बिल की रीडिंग, विच्छेदन तिथि आदि प्रदर्शित होगी जिसे देखकर उपभोक्ता को घर बैठे ही बिलिंग सम्बन्धी जानकारी प्राप्त हो सकेगी।

इस सम्बन्ध में आशुतोष निरंजन (आईएएस) प्रबन्ध निदेशक पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लि०, मेरठ द्वारा अवगत कराया गया कि स्मार्ट मीटर आधुनिकतम तकनीक से बने हैं और साथ ही भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के द्वारा प्रमाणित है।

इन्हें भारत सरकार के केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप लगाया जा रहा है। स्मार्ट मीटर लगाते समय यदि ठेकेदार द्वारा गलत फींडिग की जाती है तो इसका संज्ञान लेकर उपभोक्ताओं के बिल को तत्काल सही कराकर सम्बन्धित ठेकेदार पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

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