बांस-बल्लियों द्वारा पूर्व में दिये गये संयोजनों का होगा नियमितीकरण...नगरों के बाहरी क्षेत्रों में वैध विद्युतीकरण को मिलेगा बढ़ावा

बांस-बल्लियों द्वारा पूर्व में दिये गये संयोजनों का होगा नियमितीकरण...नगरों के बाहरी क्षेत्रों में वैध विद्युतीकरण को मिलेगा बढ़ावा

मेरठ। वर्तमान में उ०प्र० शासन/डिस्काम मुख्यालय द्वारा नगरों के बाहरी क्षेत्रों में वैध विद्युतीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शहर के बाहरी इलाकों में स्थित अविकसित/अविद्युतीकृत कालोनियों में विद्युत तंत्र स्थापित करने से सम्बन्धित योजना, बांस-बल्ली द्वारा पूर्व में दिये गये संयोजनों के नियमितीकरण एवं नये संयोजनों के निर्गमन की योजना, जिला विद्युत विकास निधि आदि योजनायें चल रही है। योजना के अन्र्तगत सभी अध्यासियों से संयोजन राशि के अतिरिक्त उनकी प्लाट की रजिस्ट्री में वर्णित क्षेत्रफल के अनुसार रू० 35 प्रति वर्ग फीट की दर से विद्युत तंत्र निर्माण हेतु निम्नांनुसार धनराशि जमा करायी जायेगी। 1000 वर्ग फीट से अधिक क्षेत्रफल वाले प्लाट के लिये रू० 35 प्रति वर्ग फीट की दर से एकमुश्त जमा कराया जायेगा। 1000 वर्ग फीट या उससे कम क्षेत्रफल वाले प्लाट के लिये रू० 35 प्रति वर्ग फीट की दर से एकमुश्त जमा कराया जायेगा। बांस-बल्ल्ली वाले क्षेत्रों में जहां बिजली के कनेक्शन दिये जा चुके हैं। बिजली लाईन निर्माण के लिये होने वाले व्यय का 1/3 भाग से विभाग से, 1/3 भाग से सांसद निधि/विधायक निधि से एवं 1/3 भाग जिला विकास निधि से जो तहसील द्वारा वसूल की गयी धनराशि 15 प्रतिशत अनुमन्य है से कराया जायेगा। इस सम्बन्ध में सभी अधिकारियों को तत्काल इन क्षेत्रों के प्राकंलन बनाकर सम्बन्धित से मांग करने के निर्देश दिये गये हैं। वितरण खण्ड/उपखण्ड/मण्डल कार्यालयों को आदेश की प्रति शीघ्र उपलब्ध करायी जा रही है। उक्त योजना के अन्र्तगत बांस-बल्लियों पर बनी लाईनों के नियमितीकरण का कार्य सांसद/विधायक एवं जिलाधिकारी महोदय की संस्तुति के आधार पर किया जायेगा। इस योजना के अन्र्तगत कार्य जिलाधिकारियों के माध्यम से वसूल की गयी विद्युत बकाया/आर०सी० की धनराशि के अंश से कराया जायेगा। ऐसे आवासीय क्षेत्रों में जहाँ प्लांटिग की गयी हो या की जा रही हो वहाँ यह योजना अनुमन्य नही होगी। इस सम्बन्ध में आशुतोष निरंजन (आईएएस) प्रबन्ध निदेशक पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लि०, द्वारा महानगरों एवं अन्य बडे टाउनों के बाहरी क्षेत्रों में दूरस्थ स्थानों में निवास करने वाले अध्यांसियों से अपील की जाती है कि बांस-बल्लियों में दिये गये संयोजनों के नियमितीकरण एवं नये संयोजन के निर्गमन हेतु अपने उपखण्ड/खण्ड/मण्डलीय कार्यालयों से सम्पर्क कर योजना का लाभ उठायें।

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