नियंत्रक अधिकारी को बिना बताये हेडक्र्वाटर छोडने, झूठा एवं भ्रामक बयान देने पर अवर अभियन्ता निलम्बित

नियंत्रक अधिकारी को बिना बताये हेडक्र्वाटर छोडने, झूठा एवं भ्रामक बयान देने पर अवर अभियन्ता निलम्बित

मेरठ। अपने नियंत्रक अधिकारी को बिना बताये हेडक्र्वाटर छोडने और पूछने पर झूठा एवॅं भ्रामक बयान देने पर अवर अभियन्ता को निलम्बित किया गया है। आज विद्युत वितरण खण्ड, अमरोहा में तैनात किशोर कुमार, अवर अभियन्ता अपने स्थानान्तरण के सम्बन्ध मेंं प्रबन्ध निदेशक महोदय से आकर मिले। इस सम्बन्ध में प्रबन्ध निदेशक द्वारा पूछा गया कि आप किसकी अनुमति से मिलने आये हैं? जिस पर अवर अभियन्ता द्वारा उपखण्ड अधिकारी, विद्युत वितरण खण्ड, अमरोहा की अनुमति लेकर उपस्थित होने की बात कही गयी। इस सम्बन्ध में प्रबन्ध निदेशक द्वारा उपखण्ड अधिकारी से दूरभाष पर वार्ता करने पर उपखण्ड अधिकारी द्वारा बताया गया कि किशोर कुमार, अवर अभियन्ता बिना बताये अनुपस्थित हैं। इस सम्बन्ध में अवर अभियन्ता द्वारा भ्रामक एवॅं झूठा बयान देने पर प्रबन्ध निदेशक द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त की गयी।

अत: अपने नियंत्रक अधिकारी को बिना बताये अपने हेडक्र्वाटर छोडऩा, झूठा एवं भ्रामक बयान देना उ०प्र० सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 का स्पष्ट उल्लंघन है। इस सम्बन्ध में प्रबन्ध निदेशक द्वारा श्री किशोर कुमार, अवर अभियन्ता विद्युत वितरण खण्ड अमरोहा को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया गया है। इस सम्बन्ध में आशुतोष निरंजन (आईएएस) प्रबन्ध निदेशक पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लि०, नेे कहा कि अपने नियंत्रक अधिकारी को बिना बताये अपने हैडक्वाटर छोडऩे पर सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों को अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित समझा जायेगा तथा ऐसी अवधि का वेतन देय नहीं होगा। इसके अतिरिक्त स्थानान्तरण निरस्त करने या इच्छित स्थान पर तैनाती के लिये अनैतिक दबाव डालने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के दृष्टिकोण से उ०प्र० सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 के उल्लंघन के मामले में अधिकारियों व कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही की जायेगी।

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