विद्युत व्यवस्था के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक आयोजित की

मेरठ। विधान मण्डल की प्रदेशीय विद्युत व्यवस्था सम्बन्धी जांच समिति द्वारा आज ऊर्जा भवन स्थित मीटिंग हाल में जनपद मेरठ, हापुड़ एवं बुलन्दशहर की विद्युत व्यवस्था के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक की गयी।

बैठक डा० विजय यादव सभापति उत्तर प्रदेश विधान मण्डल की विद्युत व्यवस्था सम्बन्धी जांच समिति की अध्यक्षता एवं श्री सत्यवीर त्यागी, मा० विधायक किठौर तथा प्रदेशीय विद्युत व्यवस्था सम्बन्धी जांच समिति के सदस्य हीरा लाल यादव सदस्य, विधान परिषद, विद्यासागर सोनकर, सदस्य विधान परिषद, केदार नाथ सिंह, सदस्य विधान परिषद, अमित यादव सदस्य, विधान परिषद, रविशंकर सिंह, पप्पू भैया सदस्य विधान परिषद एवं आशुतोष निरंजन (आईएएस) प्रबन्ध निदेशक की उपस्थिति में आयोजित हुई।

बैठक में मुख्यत: 18 बिन्दुओं पर बिन्दुवार चर्चा की गयी। जिसमें सर्वप्रथम ट्रांसफार्मर के सम्बन्ध में सभापति द्वारा ट्रांसफार्मर की उपलब्धता एवं ट्रांफार्मर बदले जाने की व्यवस्था का विवरण जांच समिति को उपलब्ध कराने हेतु कहा गया। इस सम्बन्ध में राजेश सिंह, अधीक्षण अभियन्ता विद्युत कार्यशाला मण्डल, मेरठ द्वारा जांच समिति को अवगत कराया गया कि पर्याप्त ट्रांसफार्मर कार्यशाला एवं भण्डार मण्डल में उपलब्ध है। ट्रांफार्मर खराब होने की स्थिति में विभाग द्वारा शहरी क्षेत्रों में 24 घण्टे एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घण्टे की समयावधि में ट्रांसफार्मर विभाग के खर्च पर प्रतिस्थापित किये जा रहे हैं।

निजी नलकूप निर्गत करने के सम्बन्ध में जांच समिति को अवगत कराया गया कि वरीयता के आधार पर निजी नलकूप के संयोजन किसान उपभोक्ताओं को निर्गत किये जा रहे हैं। विभाग के पास निजी नलकूप का संयोजन निर्गत करने हेतु भण्डार मण्डल में पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है। ऊर्जीकृत गांव एवं मजरों के सम्बन्ध में जांच समिति को बताया गया कि डिस्काम के अन्र्तगत प्रत्येक गांव एवं मजरों को ऊर्जीकृत किया जा रहा है। 11 एवं 12वीं दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के अन्र्तगत वर्ष 2019-20 में माह अप्रैल तक 11725 ग्रांम एवं मजरों को ऊर्जीकृत किया जा चुका है। विद्युत चोरी रोकने के सम्बन्ध में समिति को अवगत कराया गया कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ए०बी० केबिल लगाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। एरियल बन्च कण्डक्टर लगाने से विद्युत चोरी में अंकुश लगाया जा सकेगा।

स्मार्ट मीटर के सम्बन्ध में जांच समिति द्वारा विवरण उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया। इस सम्बन्ध में प्रबन्ध निदेशक महोदय, द्वारा बताया गया कि उपभोक्ताओं की सुविधा एवं विद्युत चोरी पर अंकुश लगाने हेतु जनपद मेरठ में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य किया जा रहा है। स्मार्ट मीटर ब्यौरो ऑफ इण्डियन स्टैन्डर्ड द्वारा सर्टिफाइड मीटर ही डिस्काम के अन्र्तगत लगाये जा रहे हैं। उपभोक्ताओं की अधिक बिल आने एवं मीटर जम्प करने आदि शिकायतों का संज्ञान लेकर चेक मीटर लगाये जा रहे है। इस सम्बन्ध में प्रबन्ध निदेशक द्वारा उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से सम्बन्धित भ्रान्तियों को दूर करने के सम्बन्ध में मुख्य अभियन्ता (वितरण) मेरठ को प्रेस कॉन्फ्रेन्स के माध्यम से उपभोक्ताओं से संवाद कर उनकी समस्याओं को दूर करने हेतु निर्देशित किया गया।

जांच समिति द्वारा कहा गया कि विद्युत चोरी के नाम पर उपभोक्ताओं का उत्पीडऩ न किया जाये। इस सम्बन्ध में प्रबन्ध निदेशक महोदय, द्वारा उपभोक्ताओं के परिसर पर विद्युत संयोजन की चैकिंग के नाम पर विद्युत विभाग की टीम/प्रवर्तन दल द्वारा उपभोक्ता का उत्पीडऩ न किया जाये। इस सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी। मीटर्ड टैम्पर्ड के सम्बन्ध में जांच समिति द्वारा थर्ड पार्टी इन्सपेक्शन कराने का सुझाव दिया गया। इस सम्बन्ध में प्रबन्ध निदेशक द्वारा इलेक्ट्रिकल रिसर्च एवं डेवलपमेन्ट एसोसिएशन (इरडा) द्वारा थर्ड पार्टी इन्सपेक्शन कराने का आश्वासन दिया गया। जांच समिति द्वारा उपभोक्ताओं को रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये गये। बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई।

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