मेरठ: डॉक्टरों ने नहीं किया फौजी की पत्नी का इलाज, परिजनों ने घेरा एसएसपी कार्यालय

मेरठ: डॉक्टरों ने नहीं किया फौजी की पत्नी का इलाज, परिजनों ने घेरा एसएसपी कार्यालय


मेरठ। लगभग एक सप्ताह पहले मेडिकल थाना क्षेत्र में पुलिसिया उत्पीड़न का शिकार हुए फौजी के परिवार पर लगातार मुसीबतों का पहाड़ टूट रहा है। पुलिस की पिटाई से चोटिल हुई फौजी की पत्नी की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है, मगर शहर के सभी डॉक्टरों ने इसे पुलिस केस बताते हुए पीड़िता का इलाज करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। मंगलवार को फौजी के परिजनों ने एसएसपी कार्यालय पर हंगामा करते हुए सभी घायल पीड़ितों का मेडिकल कराने की मांग की। एसएसपी ने सीओ को पीड़ितों का इलाज कराने के निर्देश दिए हैं।

शास्त्री नगर के ब्लाक निवासी सत्येंद्र सागवान सीआरपीएफ के जवान हैं। कुछ दिन पहले वह अवकाश पर घर आए थे। आरोप है कि छेड़छाड़ का विरोध करने पर पड़ोस में रहने वाले मेडिकल थाने के निलंबित दरोगा सुनील कुमार और उसके अन्य पुलिसकर्मी साथियों ने फौजी के परिवार पर जमकर कहर बरपाया। परिवार की महिलाओं को लाठी-डंडों से पीटने के बाद पुलिस ने फौजी को झूठे मामले में जेल भेज दिया। इस घटना को लेकर विभिन्न राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन फौजी के परिवार के साथ खड़े हो गए हैं। सत्येंद्र भी जमानत के बाद घर वापस आ चुके हैं। पूरे मामले की केंद्रीय गृह मंत्रालय भी मॉनिटरिंग कर रहा है। आज एसएसपी कार्यालय पहुंची फौजी के परिवार की महिलाओं ने बताया कि पुलिस की पिटाई से चोटिल हुई फौजी की मां, पत्नी और पुत्र की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा पीड़ितों का मेडिकल ना कराए जाने के कारण शहर के सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टरों ने पीड़ितों का इलाज करने से इंकार कर दिया है। इसी के साथ आरोपी लगातार उन पर फैसले का दबाव बना रहे हैं। एसएसपी अजय साहनी ने सीओ सिविल लाइन को पीड़ितों का इलाज कराने के निर्देश दिए हैं।


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