नवगठित एंटी थेफ्ट थानों के अधिकारियों/कर्मचारियों की सहायतार्थ हेतु कार्यशाला आयोजित...महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया

मेरठ। नवगठित एण्टी थेफ्ट थानों के अधिकारियों/कर्मचारियों सहायतार्थ आयोजित कार्यशाला में आज दूसरे दिन विद्युत अधिनियम की धारा 126 तथा 135 में अन्तर के सम्बन्ध में प्राथमिकी दर्ज कराने के सम्बन्ध में विद्युत चोरी की सूचना प्राप्त करने के विभिन्न श्रोतों के आदि महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

दो दिवसीय कार्यशाला के सम्बन्ध में प्रबन्ध निदेशक आशुतोष निरंजन (आईएएस) ने कहा कि उपभोक्ताओं को कम दरों पर 24 घण्टे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिये विद्युत चोरी पर अंकुश लगाना नितांत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि विद्युत थानों के क्रियाशील होने से विद्युत चोरी रोकने को नया आयाम मिलेगा। शीघ्र एफ०आई०आर० दर्ज होने एवं विद्युत मामलों की विवेचना में तेजी आयेगी। एण्टी थेफ्ट थाने खोले जाने से निश्चित रूप से विद्युत चोरी पर अंकुश लगेगा। उपभोक्ताओं को और अधिक सुविधायें दी जा सकेगी। उन्होंने कहा आज नई तकनीकी का युग है। डिजिटल लाईजेशन से उपभोक्ताओं को पारदर्शी एवं बेहतर सुविधायें दी जा सकती है।

दुर्भाग्यवश उपभोक्ता बाहरी अथवा विभागीय व्यक्ति के बहकावे में आकार अपने मीटर की सील टैम्पर्ड, मीटर आगे पीछे व अन्य किसी प्रकार की चोरी करने के प्रलोभन में आकर विद्युत चोरी में संलिप्त होता है। विद्युत थाने खुलने से ऐसे व्यक्तियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जायेगा।

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