प्रबन्ध निदेशक आशुतोष निरंजन ने की एचवी सेल की समीक्षा

प्रबन्ध निदेशक आशुतोष निरंजन ने की एचवी सेल की समीक्षा

मेरठ। आशुतोष निरंजन (आईएएस) प्रबन्ध निदेशक प०वि०वि०नि०लि०, मेरठ की अध्यक्षता में आज यहां डिस्काम मुख्यालय ऊर्जा भवन, मेरठ में एच०वी० सेल की समीक्षा बैठक आहूत हुई। बैठक मे समस्त मुख्य अभियन्ता (वि०),समस्त अधीक्षण अभियन्ता (वि०), समस्त अधिशासी अभियन्ता (वि०)/परीक्षण एवं समस्त सहायक अभियन्ता(आई०टी०) द्वारा प्रतिभाग किया गया। बैठक में हाई वोल्टेज ऑडिट सेल (एच.वी. ऑडिट सेल) की गहन समीक्षा की गयी। इस सम्बन्ध में निर्देशित किया गया कि अभियान चलाकर अधिक भार वाले उपभोक्ताओं को रीडिंग एवं शत-प्रतिशत ए.एम.आर. के माध्यम से बिलिंग सुनिश्चित कराने मीटर गुणांक, डबल मीटरिंग, टैम्पर रिपोर्ट, लोड फैक्टर इत्यादि का विश्लेषण कर निश्चित समय-सीमा में कार्यवाही कराया जाना सुनिश्चित किया जाये। इस सम्बन्ध में निर्देशित किया गया कि हाई वोल्टेज ऑडिट सेल को और प्रभावशाली बनाया जाये।

उल्लेखनीय है कि श्री आशुतोष निरंजन (आईएएस) प्रबन्ध निदेशक, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लि० मेरठ के निर्देशन में हाई वोल्टेज ऑडिट सेल (एच.वी. ऑडिट सेल) का गठन 1 अगस्त, 2018 को किया गया। उदय (उज्जवल डिस्काम एश्योरेन्स योजना) उदय के ए.टी. एण्ड सी के टारगेट को हर हाल में 15 प्रतिशत तक सीमित किया जाना डिस्काम की प्राथमिकता है। फीडरवार लाईन हानियों का आँकलन फीडर टैगिंग, आई०डी०एफ०, ए०डी०एफ० बिल, एवं ए.टी. एण्ड सी हानियां आदि की गणना एनर्जी ऑडिट सेल द्वारा की जा रही है। बैठक में मैसर्स साई कम्प्यूटर मेरठ को विद्युत वितरण खण्ड प्रथम, चांदपुर में एक्सेप्शन के सम्बन्ध में जानकारीे न होने पर प्रबन्ध निदेशक महोदय द्वारा कडी फटकार लगायी एवं मैसर्स साई कम्प्यूटर मेरठ को नोटिस देने के निर्देश दिये।

बैठक में विद्युत वितरण खण्ड प्रथम, अमरोहा के अन्र्तगत उपखण्ड अधिकारी द्वारा बडे उपभोक्ताओं से बकाया वसूली न करने पर प्रतिकूल प्रविष्टी दी गयी। इस सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिशासी अभियन्ता को सचेत करने के निर्देश दिये गये हैं। इस सम्बन्ध में प्रबन्ध निदेशक महोदय द्वारा समस्त अधिशासी अभियन्ता (वितरण) को बडे इन्डस्ट्रीयल उपभोक्ताओं का औचक निरीक्षण करने हेतु निर्देशित किया। बैठक में विद्युत वितरण खण्ड-रामपुर के अन्र्तगत मैसर्स एच०सी०एल० को शिकायत की जानकारी न होने पर नोटिस देने के निर्देश दिये। अधिशासी अभियन्ता विद्युत वितरण खण्ड-देवबन्द ने बैठक में अवगत कराया कि 10 कि०वा० का विच्छेदित संयोजन चलता पाए जाने पर एफ०आई०आर० दर्ज करायी गयी है। इस सम्बन्ध में प्रबन्ध निदेशक द्वारा निर्देशित किया गया कि विच्छेदित संयोजन चलते पाये जाने पर लाईनमैन की भूमिका भी संदिग्ध होगी। इस सम्बन्ध में सम्बन्धित लाईन मैन पर भी एफ०आई०आर० दर्ज कराने के निर्देश दिये। प्रबन्ध निदेशक ने बैठक में अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि मिलीभगत कर, निगम को हानि पहुचाने वाले कार्मिकों को किसी भी स्तर पर बक्शा नहीं जाऐगा।

इसके अतिरिक्त विद्युत नगरीय वितरण खण्ड-पंचम नोएडा केे अन्र्तगत मैसर्स सिद्वूबीर एसोसिऐट सेक्टर-3 नोयडा का मार्च, 2018 से लगभग 8 लाख से अधिक बकाया वसूली एवं संयोजन विच्छेदित न करने पर सम्बन्धित उपखंड अधिकारी एवं अवर अभियन्ता को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गयी है। इसी प्रकार जगदीश सूरी सेक्टर-20, नोएडा एवं कॉंशीराम हरोला, नोएडा के उपभोक्ताओं पर क्रमश: रू० 40750 एवं रू० 31452 का बकाया वसूली एवं संयोजन विच्छेदित न करने पर प्रतिकूल प्रविष्टि का दण्ड दिया गया है। वि०न०वि०ख०-चतुर्थ, नोएडा के अन्र्तगत मै० गंगापाईप, बादलपुर, दादरी, पर 2 लाख से अधिक बकाया एवं मै० रिलाएन्स जियो, दादरी, नोएडा पर लगभग रू० 247169 लाख का बकाया होने एवं संयोजन विच्छेदित न करने पर सम्बन्धित अवर अभियन्ता को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गयी। विद्युत नगरीय वितरण खण्ड-चतुर्थ नोएडा में हरिराम पर लगभग 9 लाख से अधिक विद्युत बकाया लम्बित होने एवं संयोजन विच्छेदित न करने पर सम्बन्धित अवर अभियन्ता को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गयी हैं। विद्युत वितरण खण्ड-मवाना के विद्युत सयोजनों की पी०डी० फाईनल न होने पर प्रबन्ध निदेशक महोदय द्वारा कडी नाराजगी व्यक्त की गई। इस सम्बन्ध में उन्होंने अधिशासी अभियन्ता मवाना को सो-कोस नोटिस देने के निर्देश दिये।

हाई वोल्टेज सेल द्वारा एक्सपेक्शन रिपोर्ट के आधार पर मीटर में वोल्टेज एवं करन्ट मिसिंग जैसी बड़ी अनियमितताओं के प्रकरणों की जाँच प्राथमिकता पर की जा रही है जिसके फलस्वरूप बड़े उपभोक्ताओं के मीटर गुणांक में अनियमितता से सम्बन्धित प्रकरण प्रतिदिन पकड़े जा रहे हैं। एच०वी० सेल द्वारा अब तक उपभोक्ताओं के मीटर में वोल्टेज एवं करण्ट मिसिंग जैसे बडी अनियमितताओं के 962 प्रकरण पकडे गये हैं जिसमें रू 1735 लाख का निर्धारण किया गया है। इसके अतिरिक्त बडे उपभोक्ताओं के मीटर गुणांक में अब तक कुल 86 प्रकरण पकडे गये जिसने सापेक्ष रू० 1011 लाख निर्धारण के विरूद्ध रू 879.80 लाख की वसूली भी की जा चुकी है। परीक्षण खण्डों द्वारा बडे उपभोक्ताओं के मीटर की एम०आर०आई० का विश्लेषण कर अब तक 962 प्रकरण पकडे जा चुकें हैं, जिसमें 746 उपभोक्ताओं से लगभग रू 1258 लाख की राजस्व वसूली भी की जा चुकी है।

इस सम्बन्ध में आशुतोष निरंजन (आईएएस) मैनेजिंग डायरेक्टर, पश्चिमांचल डिस्काम द्वारा अवगत कराया गया कि एच०वी० ऑडिट सेल खण्डवार एनर्जी ऑडिट का कार्य सुनिश्चित किया जा रहा है। फीडरवार लाईन हानियों का आँकलन फीडर टैगिंग, आई०डी०एफ०, ए०डी०एफ० बिल, एवं ए.टी. एण्ड सी हानियां आदि की गणना एनर्जी ऑडिट सेल द्वारा की जा रही है।

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