गरीब व कमजोर उपभोक्ताओं के लिए 'कटिया हटाओ, संयोजन पाओ' योजना लागू

मेरठ। गरीब एवं कमजोर वर्ग के उपभोक्ताओं हेतु 1 जुलाई से 30 सितम्बर तक 'कटिया हटाओ, संयोजन पाओ' योजना लागू की गयी है। इस योजना के तहत मुख्य रूप से गरीब एवं कमजोर तबके के एक किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ता लाभ उठा सकेंगे। उनके कटिया कनेक्शन को बिना किसी जुर्मानें के वैध कनेक्शन में बदला जा रहा है। गरीबों एवं कमजोर वर्गों को लाभ पहुँचाने के लिये दिये गये निर्देशों के क्रम में यह योजना लागू की गयी है।

कटिया हटाओ, संयोजन पाओ योजना लागू किये जाने से जहाँ एक ओर अवैध रूप से चल रहे विद्युत संयोजनों का नियमितीकरण होगा वही दूसरी ओर तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों में कमी होकर राजस्व में वृद्धि होगी। योजना के अन्र्तगत स्व-घोषित अनियमित संयोजनों का नियमितीकरण बिना किसी दण्ड एवं बिना किसी राजस्व निर्धारण किया जायेगा। योजना के अन्र्तगत यह सुविधा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में घरेलू संयोजनों हेतु केवल 1 कि०वा० भार तक ही अनुमन्य होगी। संयोजन परिसर समीपवर्ती एल०टी० लाइन से 40 मीटर की दूरी से अधिक न हो। ग्रामीण क्षेत्रों में संयोजन देने का आधार सौभाग्य योजना में प्रचलित मानक के अनुरूप होगा। शहरी क्षेत्रों में संयोजन देने हेतु वर्तमान में प्रचलित स्वीकार्य पहचान पत्र एवं भूस्वामित्व किरायेदार एवं आवासीय पता का विवरण अभिलेख आवश्यक होगा। झुग्गी झोपडिय़ों में कनेक्शन केवल प्री-पेड मीटर लगाकर ही निर्गत किये जायेेंगे। संयोजन परिसर में पूर्व में रहे किसी संयोजन से सम्बन्धी कोई बकाया शेष न हो। आवेदन के साथ नये संयोजन हेतु निर्धारित शुल्क जमा कराकर संयोजन निर्गत कर दिया जाये। उपभोक्ता सेवा केन्द्र (1912) पर प्राप्त हुए आवेदन भी इस योजना के अन्र्तगत स्वीकार्य होंगे। ऐसे परिसर जिनसे सम्बन्धित कोई न्यायालय वाद लम्बित हो, उक्त योजना से आच्छादित नहीं होंगे। स्व-घोषित अनाधिकृत विद्युत उपभोग पर नियमित संयोजन निर्गमन की प्रक्रिया इस शर्त पर की जायेगी कि आवेदक द्वारा नियमित संयोजन प्राप्त करने हेतु नये संयोजन का निर्धारित शुल्क योजना अवधि की समाप्ति से पूर्व जमा कर दिया गया हो, अन्यथा योजना समाप्ति तक संयोजन शुल्क न प्राप्त होने की स्थिति में योजना अवधि के पश्चात आवेदक के विरूद्ध नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।

योजना के सम्बन्ध में आशुतोष निरंजन (आईएएस) प्रबन्ध निदेशक, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लि०, मेरठ द्वारा बताया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप सभी सम्मानित उपभोक्ताओं को अनवरत विद्युत आपूर्ति करना विभाग का महत्वपूर्ण दायित्व है। विशेषकर आर्थिक रूप से निर्बल वर्ग के उपभोक्ताओं के प्रति अधिक संवेदनशीलता को दृष्टिगत करते हुये सुगमता से नियमित विद्युत संयोजन प्राथमिकता पर प्रदान किया जाना है। जिससे अधिक से अधिक घरों को वितरण तंत्र से जोडा जा सके। उपभोक्ता अधिक से अधिक संख्या में अवैध रूप से चल रहे विद्युत संयोजनों को नियमित कराकर योजना का लाभ प्राप्त कर अप्रिय कार्यवाही से बच सकते हैं।

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