गंगनहर में मिला बजरंग दल कार्यकर्ता का शव, गांव में सांप्रदायिक तनाव

गंगनहर में मिला बजरंग दल कार्यकर्ता का शव, गांव में सांप्रदायिक तनाव

मेरठ। अपहरण के बाद मारे गए बजरंग दल के कार्यकर्ता अंकित त्यागी का शव शुक्रवार को गंगनहर में डूंगर गांव के पास मिल गया। पुलिस हत्या के आरोपितों की निशानदेही के बाद शव को बरामद किया। इस घटना से गांव में सांप्रदायिक तनाव है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

परतापुर थाना क्षेत्र के चंदसारा गांव का रहने वाला अंकित त्यागी बजरंग दल का कार्यकर्ता था। वह टावर कंपनी में सुपरवाइजर था। घपले को रोकने के कारण उसके साथियों ने ही उसकी हत्या कर दी थी। जीजा-साले ने मिलकर सुपरवाइजर की हत्या की प्लानिंग बनाई थी। इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए कांशी गांव निवासी झोलाछाप डॉक्टर का भी सहारा लिया गया।

इंस्पेक्टर परतापुर तपेश्वर सागर ने बताया कि जेएसबी इंटरप्राइजेज मोबाइल टावर कंपनी में कांशी गांव निवासी महराज नौकरी करता था। एक शिकायत पर कंपनी ने महराज के साले बबलू निवासी ईकड़ी को नौकरी से निकाल दिया था और उसके स्थान पर अंकित त्यागी को नौकरी मिली थी। अंकित के आने के बाद कंपनी में चोरी व घपले बंद हो गए। इससे महराज परेशान था। इसके बाद ही उसने अंकित की हत्या की योजना बनाई। तीन जून को अंकित को अचानक दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद कांशी निवासी महराज ने अपने ही गांव के झोलाछाप इरफान को बुलाया। तीन जून की शाम को अंधेरा होने पर इरफान ने अंकित की गर्दन के पास नशीला इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद बेहोश होने पर चाकू से गला काट दिया। बाद में शव को बोरे में भरकर गाड़ी से गंगनहर में फेंक दिया। इसमें जीजा-साले व इरफान तीनों शामिल थे। शुक्रवार को हत्या के आरोपितों की निशानदेही पर गंग नहर से अंकित का शव बरामद कर दिया।

एसपी देहात अविनाश पांडेय ने बताया कि इस घटना से गांव में सांप्रदायिक तनाव कायम हो गया है। गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।


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