उप्र शासन की मंशा के अनुरूप विद्युत विभाग को भ्रष्टाचार मुक्त किया जायेगा: आशुतोष निरंजन

उप्र शासन की मंशा के अनुरूप विद्युत विभाग को भ्रष्टाचार मुक्त किया जायेगा: आशुतोष निरंजन

मेरठ। विद्युत वितरण मण्डल-बागपत के अन्र्तगत गबन के प्रकरण में राजीव कुमार गौड, कार्यकारी सहायक/मुख्य खजांची (रा०) विद्युत वितरण खण्ड-प्रथम, बागपत, 01.01.2015 से अब तक वर्तमान में कार्यकारी सहायक मुख्य खजांची (रा०), विद्युत वितरण खण्ड-प्रथम, बागपत, विकल्प महेश, उपखण्ड अधिकारी, विद्युत वितरण उपखण्ड-प्रथम, बागपत, दिनांक 30.01.2015 से 15.05.2018 तक वर्तमान में उपखण्ड अधिकारी, विद्युत वितरण उपखण्ड-किठौर अन्र्तगत विद्युत वितरण खण्ड-चतुर्थ, मेरठ, राजवीर सिंह, अधिशासी अभियन्ता, विद्युत वितरण खण्ड-प्रथम, बागपत दिनांक 04.01.2017 से 26.01.2018 तक वर्तमान में अधिशासी अभियन्ता, विद्युत वितरण खण्ड-नकुड़ (सहारनपुर) को निलम्बित किया गया। ईशपाल सिंह, तत्कालीन सहायक लेखाधिकारी (रा०) विद्युत वितरण खण्ड-प्रथम, बागपत दिनांक 27.02.2016 से 29.05.2018 तक वर्तमान में सहायक लेखाधिकारी वाराणसी को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लि० वाराणसी, द्वारा निलम्बित किया जायेगा।

उल्लेखनीय है कि विद्युत वितरण खण्ड-प्रथम, बागपत कार्यालय के रिकन्साईलेशन लिपिक (सुरजीत कुमार) व सहायक लेखाकार (राजस्व) अतुल जैन विद्युत वितरण खण्ड-प्रथम बागपत द्वारा राजस्व केश बुक से फ्लूएंट ग्रिड साफ्टवेयर सिस्टम की दिनांक 01.12.2018 से दिनांक 31.03.2019 तक एवं एच०सी०एल० सिस्टम की दिनांक 13.12.2018 से दिनांक 31.03.2019 तक प्राप्त रिपोर्ट-51 से मिलान करने पर पाया गया कि सुरेश बाबू तत्कालीन कैशियर/बिल लिपिक (टी०जी०-2) अन्र्तगत विद्युत वितरण उपखण्ड-प्रथम बागपत (वर्तमान में अवर अभियन्ता 33/11 के०वी० विद्युत उपकेन्द्र मण्डौला अन्र्तगत विद्युत वितरण खण्ड-प्रथम, लोनी जनपद गाजियाबाद, सम्बन्धित कार्मिकों की तैनाती अवधि दिनांक 13.02.2008 से दिनांक 08.03.2019 तक विद्युत वितरण उपखण्ड-प्रथम, बागपत कार्यालय में रही है के द्वारा विद्युत वितरण खण्ड-प्रथम बागपत कार्यालय में निम्न चालानों के विरूद्ध उपभोक्ताओं से प्राप्त धनराशि तद्दिनांक तक भी जमा नहीं की गयी है। इस सम्बन्ध में गबन का आरोप लगाते हुये सुरेश बाबू की बागपत में एफ०आई०आर० दर्ज करायी गयी थी, जिन्हें दिनांक 16 मई को पुलिस द्वारा हिरासत में ले लिया गया था। इनके विरूद्ध धनराशि रू० 14484108.00 (रूपये एक करोड़ चौवालीस लाख चौरासी हजार एक सौ आठ मात्र) सरकारी राजस्व के गबन का आरोप है।

इस सम्बन्ध में आशुतोष निरंजन (आईएएस) प्रबन्ध निदेशक, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लि० मेरठ, द्वारा बताया गया है कि उ०प्र० शासन की मंशा के अनुरूप विभाग को भ्रष्टाचार मुक्त करने हेतु भ्रष्ट अधिकारियों/अधिकारिकों को बक्शा नहीं जायेगा। दोषियों के विरूद्ध दण्डात्मक/अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। गौरतलब है कि प्रबन्ध निदेशक महोदय, द्वारा 4 सदस्यीय समिति गठित की गयी है। उपरोक्त समीति विद्युत वितरण खण्ड-बागपत में सुरेश बाबू, बिलिंग क्लर्क एवं रोकडिया द्वारा अपने कार्यकाल में उपभोक्ताओं से प्राप्त राजस्व की धनराशि को विभाग में जमा न करने के सम्बन्ध में मै० एचसीएल एवं मै० फ्लूऐन्ट ग्रिड या इससे पूर्व अन्य बिलिंग एजेन्सियों द्वारा उपभोक्ताओं लेजर के अनुसार उपभोक्ताओं से प्राप्त धनराशि को मुख्य रोकडिया के पास जमा कराने की जांच/मिलान करते हुये अन्तर की धनराशि का आकंलन कर 03 दिवसों के अन्दर अपनी जांच रिपोर्ट निदेशक (वाणिज्य), प०वि०वि०नि०लि०, मेरठ एवं अधोहस्ताक्षरी का उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेगी।

इसके अतिरिक्त उक्त खण्ड में अन्य राजस्व संग्रहकर्ताओं द्वारा उपभोक्ताओं से प्राप्त की गयी राजस्व की धनराशि को मुख्य रोकडिय़ा के पास जमा कराने एवं मुख्य रोकडिय़ा द्वारा बैंक में जमा कराये जाने की जांच भी सुनिश्चित करेगी तथा अन्तर की धनराशि को अपनी रिपोर्ट में पृथक रूप से दर्शाया जाना भी सुनिश्चित करेगी।

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