उपखण्ड अधिकारी व दो अवर अभियंता फर्जीवाडा करने पर निलंबित

उपखण्ड अधिकारी व दो अवर अभियंता फर्जीवाडा करने पर निलंबित

मेरठ। उपभोक्ता द्वारा की गयी शिकायत की जांच के आधार पर एक उपखण्ड अधिकारी एवं दो अवर अभियन्ताओं को ठेकेदार के साथ मिलकर फर्जी लाईनें बनाने व विभाग में फर्जीवाडा करने, कार्य को विभागीय मापदण्डों से नहीं करने, विभागीय सामग्रियों का दुरूपयोग करने पर तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है।

उपभोक्ता विकास यादव, नि० ग्राम बरौला, सैक्टर-49 नोयडा द्वारा उपखण्ड अधिकारी चतुर्थ व ठेकेदारों द्वारा फर्जी लाइने बनाने व विभाग में फर्जीवाडा करने से सम्बन्धित शिकायत की गयी, जिसकी जांच द्विसदस्य समिति बनाकर करायी गयी। समीति के जांच करने के उपरान्त आख्या प्रेषित करने पर प्रबन्ध निदेशक महोदय, द्वारा इसी प्रकार के अन्य प्रकरण मूल रूप में उपलब्ध कराने हेतु वि०न०वि०मं०-नोयडा को निर्देशित किया गया। जिसमें अधीक्षण अभियन्ता नोयडा द्वारा प्रकरण मूल रूप में मुख्यालय को उपलब्ध कराये गये। जिनके स्थलीय निरीक्षण प्रबन्ध निदेशक महोदय, द्वारा करने के निर्देश दिये गये।

अधीक्षण अभियन्ता, नोयडा द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रथम प्रकरण में मै० जितेन्द्र चौहान, खसरा नं० 484498 एवं 540 गांव सरफाबाद नोयडा के एक नं० 100 केवीए परिवर्तक 570 मीटर एबी केबिल 13 नं० पीसीसी पोल आदि का प्राक्कलन बनाया गया। परिसर से पीसीसी पोल की 20 खम्बें की एलटी लाइन एरियल बंच कन्डेक्टर के उपरान्त 11 केवी स्टील टयूब्लर पोल पर एमएस चैनल की चेयर बनाकर 11/04 केवी परिवर्तक स्थापित पाया गया। जिसकी नं० प्लेट पर निर्माता मै० पैरामेक्स ट्रांसफार्मर, 100 केवीए 3 स्टर अंकित पाया गया। जबकि पत्रावली में उपलब्ध निर्माता की टैस्ट रिपोर्ट के अनुसार 100 केवीए 4 स्टार रेटिंग का है।

पीसीसी पोल की 20 खम्बें की एरियल बंच कन्डेक्टर की एलटी लाइन में 10 खम्बें पुराने स्थापित है, जिन पर पूर्व में एक सर्किट एरियल बंच कन्डकर की लाइन उस क्षेत्र के उपभोक्ताओं को पोषित करने हेतु थी उसी पर दूसरा सर्किट डाल दिया गया है तथा 10 खम्बें नये स्थापित किये गये हैं। जिन पर प०वि०वि०नि०लि०, की आरजीजीवाई योजना के है, पर ऊपर से सीमेन्ट लगाकर छिपाने की कोशिश की गयी है।

द्वितीय प्रकरण में श्रीमती गीता राय, पत्नी श्री एम०के०राय, खसरा नं०-341, 342, 343, 344 व 345 ग्राम सरफाबाद, सेक्टर-73 नोयडा के परिसर से लगभग 100 मीटर की दूरी पर दो डबल पोल पर चार परिवर्तक एमएस चैनल की चेयर बनाकर स्थापित पाये गये, जिनमें से एक परिवर्तक मैक एबीसी प्रा० लि०, नं०-एबीसी/250/18/770 स्थापित पाया गया।

परिवर्तक के सम्बन्ध में कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नही पाये गये। स्थल पर परिवर्तक की गुणवत्त/स्टार रेटिंग के सम्बन्ध में जांच किया जाना तकनीकी रूप से सम्भव नही हो पाया। जांच करने पर प्रांक्कल में तो 23231.5 बनाया गया है, किन्तु स्थल निरीक्षण पर प्लीन्थ का निर्माण, फैसिंग नहीं पाये गये।

उपरोक्त दोनों प्रकरणों की जाँच से निष्कर्ष निकला कि कार्य को विभागीय मापदंडो के अनुरूप नहीं कराये गये तथा प्रथम प्रकरण में विभागीय सामग्री का प्रयोग किया गया है। द्वितीय प्रकरण में स्थल पर प्राक्कलन के अनुसार सामग्री लगी नहीं लिये जाने, अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने तथा कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 में उििल्ल्खत प्राविधानों का अनुपालन न करने के लिए प्रथम दृष्ट्या दोषी पाये जाने पर प्रबन्ध निदेशक महोदय, द्वारा तत्काल प्रभाव से श्री मनोज कुमार (2014346), तत्कालीन उपखण्ड अधिकारी-4, नोएडा अन्र्तगत विद्युत नगरीय वितरण खण्ड-प्रथम, नोएडा सम्प्रति सह० अभिय० (मी-8) जेवर अन्र्तगत विद्युत नगरीय परीक्षण खण्ड-द्वितीय, नोएडा, संदीप कुमार यादव तत्कालीन अवर अभियन्ता 33/11 केवी उपकेन्द्र सेक्टर 67 अन्र्तगत विद्युत नगरीय वितरण खण्ड-प्रथम, नोएडा व श्री लोकेश कुमार, अवर अभियन्ता 33/11 केवीए उपकेन्द्र, जेवर अन्र्तगत विद्युत नगरीय वितरण खण्ड-8, नोएडा को निलम्बित कर दिया गया।

इस सम्बन्ध में आशुतोष निरंजन (आईएएस) प्रबन्ध निदेशक, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लि०, मेरठ द्वारा बताया गया कि कार्य में प्रयुक्त होने वाली सामग्री की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नही किया जायेगा। इस सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाये जाने पर किसी स्तर पर बख्शा नहीं जायेगा तथा किसी भी स्तर पर शिथिलता बरतने पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

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