प्रबंध निदेशक आशुतोष निरंजन ने किया तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ

मेरठ। नवनियुक्त टेक्निकल ग्रेड-2 की कार्य कुशलता एवं दक्षता बढ़ाने हेतु विद्युत प्रशिक्षण संस्थान मेरठ में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ आज आशुतोष निरंजन, (आईएएस) प्रबन्ध निदेशक, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लि०, के कर-कमलों द्वारा द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर उन्होंने 600 से अधिक नवनियुक्त टी०जी०-2 को पश्चिमांचल डिस्काम में तैनात किये जाने पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने प्रशिक्षण में उपस्थित टी०जी०-2 का स्वागत करते हुये कहा कि पश्चिमांचल डिस्काम का समृद्ध इतिहास रहा है। पश्चिमांचल अग्रणी बिजली कम्पनियों में शुमार है। भविष्य में टी०जी०-2 कम्पनी का फेस बनकर उभरेगें। डिस्काम सभी सम्मानित उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने के साथ-साथ बेहतर उपभोक्ता सेवा कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य है कि उपभोक्ताओं की समस्याओं का बिजलीघर पर ही निस्तारण कर विभाग की अच्छी छवि बनाई जाये। इस हेतु टी०जी०-2 को विद्युत मित्र के रूप में नोडल बनाकर बिजलीघरों पर तैनात किया जायेगा। टी०जी०-2 का दायित्व होगा कि बिजलीघर का प्रभावी अनुरक्षण एवं परिचालन कर उपभोक्ताओं को गुणवत्तापरख निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराये। प्रबन्ध निदेशक ने कहा कि विद्युत दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने हेतु बिजलीघरों पर विद्युत फाल्टस ठीक कराने हेतु नियमानुसार शट डाउन दिया जाये ताकि विद्युत दुर्घटनाओं से बचा जा सकें। टी०जी०-2 का दायित्व होगा कि बकायेदार से वसूली कर विभाग के राजस्व में वृद्धि करें तथा मीटर रीडरों पर नियंत्रण कर शत-प्रतिशत रीडिंग आधारित सही बिल उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराये। इस अवसर पर मीडिया को सम्बोधित करते हुये प्रबन्ध निदेशक ने बताया कि 600 से अधिक टी०जी०-2 की कैपेसिटी बिल्डिंग करने हेतु विभिन्न 15 चरणों में ट्रेनिंग दी जानी प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि बिजलीघर के लिये डेशबोर्ड का निर्माण किया गया है जिसमें बिजलीघर के सभी वाणिज्यक पैरामीटर यथा सैंक्शन लोड, श्रेणीवार उपभोक्ताओं का विवरण, एनर्जी ऑडिट से सम्बन्धित पैरामीटर, बकाये का विवरण, खराब मीटरों का विवरण, लम्बित नये संयोजन, प्रथम बिल निर्गत न किये जाने वाले संयोजनों का विवरण उपलब्ध रहेगा जिसकी मॉनिटरिंग बिजलीघर स्तर पर तैनात कार्मिकों, अवर अभियन्ताओं, उपखण्ड अधिकारियों, अधिशासी अभियन्ताओं एवं उच्च अधिकारियों द्वारा की जायेगी।

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