यूपी सरकार की ओर से पूरे प्रदेश में सौभाग्य उत्सव मनाया...प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना सौभाग्य का विधिवत शुभारम्भ किया

मेरठ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिनांक 17.12.2017 को पूरे प्रदेश में किया गया। सौभाग्य योजना का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक ग्रामीण घरों को विद्युत का कनेक्शन उपलब्ध कराना था। योजना के अन्र्तगत गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को नि:शुल्क एवं इनसे इतर परिवारों को मात्र रू० 500 (विद्युत बिल के अन्र्तगत 10 समान किश्तों में देय) शुल्क लेकर विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। जनपद मेरठ में कुल 665 राजस्व ग्राम एवं 749 मजरें हैं। समस्त 749 मजरों में विद्युत इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण इस तरह पूरा किया गया कि समस्त ग्रामीण हाउसहोल्ड के 40 मीटर की परिधि में विद्युत तंत्र उपलब्ध रहे। 665 राजस्व ग्रामों से हस्तिनापुर ब्लॉक के 4 राजस्व ग्राम मनोहरपुर, खेड़ीकला, बधुआ एवं बधवी एवं मजरावीरनगर में जहां पर कि परम्परागत तरीके से विद्युतीकरण का कार्य सम्भव नही था सोलर पावर पैक के द्वारा 254 घरों को विद्युतीकृत किया गया। जनपद को विद्युत संयोजनों के मामले में सौभाग्यशाली कर आज मनाये गये सौभाग्य उत्सव के बारे में मेरठ के नगरीय अघीक्षण अभियन्ता संजीव राणा, ग्रामीण अधीक्षण अभियन्ता अशोक कुमार सिंह एवं अनिल कुमार सिंह ने बताया कि रजपुरा ब्लाक के ग्राम सिखैडा में माननीय जिलाध्यक्ष, भाजपा रविन्द्र भडाना, दौराला ब्लाक के ग्राम दुल्हेड़ा चौहान में विघायक सरधना ठा० संगीत सिंह सोम, ब्लाक खरखौदा के बिजौली ग्राम में विधायक किठौर सत्यवीर सिंह त्यागी, रोहटा ब्लाक के ग्राम नारंगपुर में विधायक सिवालखास, जितेन्द्र पाल सिंह सतवाई, ग्राम मेहरोली में विधायक मेरठ दक्षिण सोमेन्द्र तोमर, ग्रामग-सजयी में विधायक हस्तिनापुर दिनेश खटिक मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया गया। सौभाग्य योजना के अन्तर्गत जनपद के समस्त 665 ग्रामों एवं इसके 749 मजरों के 66430 वैध एवं इच्छुक अधिवासियों को विद्युत संयोजन प्रदान कर जनपद को विद्युत संयोजन के मामले में सौभाग्यशाली घोषित कर दिया गया हैैं। इसके बावजूद भी अगर कोई घर रह गया हैं तो 31 मार्च 2019 तक वे इस योजना के अन्र्तगत नि:शुल्क संयोजन प्राप्त कर सकते हैं।

सौभाग्य योजना के अतिरिक्त जनपद मेरठ में आईपीडीएस एवं डीडीयूजेजीवाई के अर्न्तगत 23 अदद 33/11 के०वी० विद्युत उपकेन्द्रों का निर्माण, 16 अदद 33/11 के.वी. उपकेन्द्रों की क्षमतावृद्धि, 1073 नये वितरण परिवर्तकों की स्थापना, पारेषण के 3 नग 132/33 के०वी० विद्युत उपकेन्द्रों का निर्माण तथा 3 नग पारेषण उपकेन्द्रों की क्षमतावृद्धि करायी जा चुकी हैं। उक्त समस्त कार्यों की कुल लागत 196872 लाख हैं। इसके अतिरिक्त 3 नग 33/11 के०वी० विद्युत उपकेन्द्र एवं 3 नग पारेषण के नये विद्युत उपकेन्द्रों का निर्माण कार्य प्रगति पर हैं।

ऊर्जा विभाग की ओर से किये गये उपरोक्त कार्यों का यह प्रतिफल है कि जनपद के विद्युत व्यवस्था मे अमूल चूल सुधार हुआ हैं एवं जनपद का प्रत्येक घर आज बिजली से रोशन हैं।

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