दीपावली से पहले धनतेरस की बहार, खरीदारी को बाजारों में उमड़ी भीड़

दीपावली से पहले धनतेरस की बहार, खरीदारी को बाजारों में उमड़ी भीड़



मेरठ। दीपावली पर्व की तैयारियों से बाजार रोशन हो गए हैं। धनतेरस की तैयारियों में जुटे लोग सामान खरीदने बाजारों में पहुंच रहे हैं। अधिकांश लोगों ने अपनी पसंद की चीजें बुक कर दी है और धनतेरस के दिन ही उन्हें अपने घर ले जाएंगे। शहरों से लेकर गांवों तक में दुकान त्योहारी सामानों से भरी पड़ी हैं। कई लोगों ने शहरों में सड़क किनारे भी अपने ठिये लगाए हुए हैं। इससे लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। बाजारों में इस समय दीपावली, धनतेरस के त्योहारों की धूम है। कपड़े, गहने, बर्तन, मिठाईयों, बिजली के उपकरणों और वाहनों के शोरूम पूरी तरह से सजे हुए हैं। सुबह से देर शाम तक लोग त्योहारी सामानों की खरीदारी करने में मशगूल हैं।

धनतेरस को देखते हुए दुकानदारों ने अपनी दुकानों को सजाया हुआ है। हर साल की तरह इस वर्ष भी बाजार में नए-नए आइटम नजर आ रहे हैं। कपड़ा, गहना, बर्तन, मिठाइयां, पटाखा व बिजली झालर आदि की बिक्री में तेजी से इजाफा होता जा रहा है। चाइनीज सामानों ने बाजारों की रुप पूरी तरह से बदल दी है। पहले ही बुक करा रहे सामान भारतीय परंपरा में धरतेरस पर वाहन और अन्य सामान खरीदना शुभ माना जाता है। इस त्योहार को देखते हुए लोग बाजारों में जाकर पहले ही अपने मनपसंद सामानों को बुक करा रहे हैं और धनतेरस पर उन सामानों को अपने घर लेकर जाएंगे।

श्री राधा गोविंद होंडा बाइक शोरूम के संचालक बबलू त्यागी ने बताया कि धनतेरस पर सबसे ज्यादा वाहनों की बिक्री होती है। लोगों ने पहले ही अपनी पसंद के वाहन बुक कराए हुए हैं और धनतेरस पर उन्हें ले जाएंगे। पिछले साल के मुकाबले इस समय ज्यादा वाहन बिक रहे हैं। ऐसा ही दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी लोग बुक करा रहे हैं। इलेक्ट्राॅनिक सामान की भरमार चीन निर्मित झालरों व लाइटों से पूरे बाजार चमक रहे हैं। बाजार में अधिकांश इलेक्ट्राॅनिक उत्पाद चीन में ही बने हैं। भारतीय सामान से सस्ते होने के कारण लोगों की पसंद भी बन रहे हैं। इन सामानों में बिजली की झालर, रंगीन बल्ब, इलेक्ट्राॅनिक कैंडल, पुख्त आदि शामिल हैं।

पटाखों के जुगाड़ में लगे लोग

दीपावली पर दिल्ली-एनसीआर में खतरनाक पटाखों की बिक्री और चलाने पर रोक के कारण इस समय बाजार में पटाखे नहीं मिल रहे। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट ने केवल ग्रीन पटाखों का ही निर्माण, बिक्री और चलाने की अनुमति दी है। इस कारण लोग पटाखों का इंतजाम करने में लगे हुए हैं। खासकर बच्चों में पटाखों को लेकर उत्सुकता दिखाई दे रही है।

असमंजस में पड़ गए बच्चे

स्कूलों में बच्चों को दीपावली पर पटाखे नहीं चलाने के बारे में जागरूक किया जा रहा है। ऐसे में बच्चे असमंजस में पड़े हुए हैं। बच्चों का कहना है कि पर्यावरण को देखते हुए खतरनाक पटाखों का नहीं चलाना ठीक बात है, लेकिन इससे तो दीपावली की रौनक ही फीकी पड़ जाएगी। दीपावली की तरह ही दूसरे अन्य त्योहारों पर भी आतिशबाजी बंद की जानी चाहिए।


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