सफाई पर करोड़ों खर्च, बावजूद मेरठ बदहाल

सफाई पर करोड़ों खर्च, बावजूद मेरठ बदहाल



मेरठ। बारिश से पहले मेरठ महानगर के नालों की सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी हालत खराब है। मंगलवार को हुई बारिश के कारण कई काॅलोनियों में भरा पानी बुधवार सुबह तक भी नहीं उतरा। इस कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत हुई। इसके बाद भी नगर निगम के अधिकारियों ने इसकी कोई सुध नहीं ली। नाले व नालियों की सफाई का दावा करने वाले नगर निगम की उस समय पोल खुल गई, जब मंगलवार को हुई तेज बारिश से ही शहर के काफी इलाकों में पानी भर गया।

हर वर्ष करोड़ों रुपया नाला सफाई के नाम पर डकार लेने वाला नगर निगम आखिर नालों की सफाई से मुंह क्यों फेरता रहा है? चाहे किसी भी दल की सरकार प्रदेश में रही हो, लेकिन नगर निगम पर उसका कोई प्रभाव आज तक दिखाई नहीं पड़ता है। शहर से गुजरकर जाने वाले मुख्य नालों में ओडियन सिनेमा, अब्बू नाला, सूरज कुण्ड रोड, सुभाष नगर, थापर नगर, घंटाघर, नेहरू नगर से होते हुए शास्त्री नगर तक जाने वाले सभी नालों की एक जैसी दशा देखी जा सकती है। इन नालों को देखने से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सफाई के नाम पर नगर निगम ने महज करोड़ों रुपया खर्च करने का दावा किया है। लेकिन किसी भी राजनीतिक दल को इस बात से कोई लेना-देना नहीं है कि शहर के बीच से होकर गुजरने वाले नालों की सफाई नगर निगम क्यों नहीं कराता?

कागजों में सिमटकर रह गई नालों की सफाई : विकास का दावा करने वाली भाजपा की सरकार भी नगर निगम के सामने चुप्पी साधे हुए है| जो कार्य नगर निगम प्रशासन ने पिछली सरकारों में किया है, उसी प्रकार का कार्य भाजपा की सरकार में भी नगर निगम कर रहा है। इससे लगता है कि नगर निगम पर किसी का भी अंकुश नहीं है। जनता को लुभावने आश्वासन देकर चुने जाने वाले पार्षद भी जनता की समस्या से रूबरू नहीं होते और नाला व नालियों की सफाई कराने को लेकर शायद कभी प्रयास नहीं करते, वरना नगर निगम प्रशासन नाला सफाई के नाम पर करोड़ों रुपया दफन नहीं कर सकता।जलभराव की समस्या दशकों पुरानी मेरठ मंडल होने के बावजूद भी यहां नालों की सफाई चरमराई हुई है। स्वच्छता का अभियान चलाने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनों को भी नगर निगम ठेंगा दिखा रहा है। यही कारण है कि मंगलवार को शाम करीब तीन बजे एक घंटे की हुई बारिश में ही शहर की मुख्य सड़कों पर पानी भर गया। इन जगहों पर यह पानी पिछले कई दशकों से भरता आ रहा है। एक तरफ हम विकास का दावा करते हैं, दूसरी तरफ हम जलभराव की समस्या से ही नहीं निपट पा रहे हैं।

जलभराव से हुई परेशानी : मंगलवार को भी खैरनगर स्थित पीर चैराहा, जली कोठी, छीपी टैंक, सूरज कुण्ड रोड, सुभाष नगर, ब्रहमपुरी, थापर नगर, घंटाघर, कचहरी परिसर, एमडीए परिसर आदि में भी जल भराव होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बुधवार को भी रोहटा रोड, जली कोठी, सदर बाजार आदि इलाकों में पानी भरा होने से लोग परेशान रहे। नगर निगम में कई महापौर भाजपा के भी रह चुके हैं, लेकिन उस दौरान भी शहर के नालों की वही व्यवस्था रही है जो आज वर्तमान में है। फिलहाल महापौर बसपा की सुनीता वर्मा हैं। इसके बाद भी भाजपा नेता इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे। नगर निगम अधिकारी इस बारे में बोलने से कतरा रहे हैं।


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