मेरठ में भाजपा विधायक पर आरोप,वोट के लिए थे पैसे,न वोट दी,न पैसे लौटा रहे,जांच शुरू.. !

मेरठ में भाजपा विधायक पर आरोप,वोट के लिए थे पैसे,न वोट दी,न पैसे लौटा रहे,जांच शुरू.. !

मेरठ। जिला पंचायत अध्यक्ष उपचुनाव हुए आठ माह से ज्यादा हो चुके हैं। लेकिन सदस्यों के बीच छिड़ी रार अब तेज होती जा रही है। इस मामले में लगातार आरोपों के बीच अब एफआईआर भी होनी शुरू हो गयी हैं। दो दिन पूर्व जहां जिला पंचायत सदस्य रविंद्र टीकरी ने प्रदीप हुड्डा के खिलाफ जानी थाने में एफआईआर दर्ज करायी थी। वहीं, रविंद्र टीकरी गुट के ही धर्मेंद्र ने प्रदीप हुड्डा के करीबी बिल्डर ग्रुप वालों के खिलाफ दौराला थाने में एफआईआर दर्ज करायी है। जिसके बाद एसएसपी मंजिल सैनी दहल ने जांच के आदेश दिए हैं।

जिला पंचायत अध्यक्ष उपचुनाव में कुलविंदर सिंह और सपना हुड्डा प्रत्याशी थे। यह चुनाव भाजपा बनाम भाजपा हुआ था। जिसमें कुलविंदर सिंह निर्वाचित हुए थे। चुनाव के करीब सात माह बाद सपना हुड्डा के प्रति प्रदीप हुड्डा ने दक्षिण विधायक डा. सोमेंद्र तोमर पर चुनाव के दौरान तीन वोट दिलाने के बाद 48 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया था। प्रदीप हुड्डा ने कहा था कि ये तीन वोट उसे नहीं मिलीं और उसके पैसे भी नहीं लौटाए गए। यह मामला काफी चर्चित हुआ था। इसके बाद प्रदीप हुड्डा ने कई भाजपा नेताओं और मंत्रियों से भी मिलकर अपने पैसे मांगे।
इस विवाद में तब नया मोड़ आया, जब दो दिन पहले जिला पंचायत सदस्य रविंद्र टीकरी ने जानी थाने में प्रदीप हुड्डा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए कहा कि प्रदीप हुड्डा को उसने 46 लाख रुपये चुनाव में उधार दिए थे। लेकिन अब वह उन्हें नहीं लौटा रहा है और जान से मारने की धमकी भी दे रहा है। इसी मामले मेें अब एक नया रोचक मामला और जुड़ गया है।
दौराला थाना क्षेत्र स्थित कान्हा ग्रीन सिटी कालोनी में धर्मेंद्र पुत्र रणपाल निवासी टीकरी ने फ्लैट बुक कराया था। जिसके उसने 21.54 लाख रुपये देने की बात कही है। धर्मेंद्र ने बताया कि उक्त फ्लैट की रजिस्ट्री उसके नाम 11 अगस्त 2017 को की गयी। लेकिन इसमें बिल्डरों ने उसके साथ धोखा किया। क्योंकि इन लोगों ने सैंपल फ्लैट दिखाते समय वादा किया था कि रजिस्ट्री के समय उसे वैसा ही तैयार फ्लैट दिया जाएगा। लेकिन जब उसने रजिस्ट्री करा ली तो बिल्डरों ने उसे अधूरे फ्लैट पर कब्जा देने की बात कही। जब उसने विरोध किया तो इन लोगों ने एक अप्रैल को उसका मूल बैनामा भी छीन लिया।
यह मामला भी पूरी तरह जिला पंचायत अध्यक्ष उपचुनाव से जुड़ा है। क्योंकि चुनाव के समय इसी कॉलोनी में वोट के बदले फ्लैट देने की स्कीम शुरू की गयी थी। जिसकी सूचना पर तत्कालीन डीएम ने इस कालोनी के फ्लैटों की चुनाव तक रजिस्ट्री पर रोक लगा दी थी। सूत्रों के अनुसार यह भी मामला इसी से जुड़ा है और बिल्डर ग्रुप प्रदीप हुड्डा के करीबी हैं। ऐसे में अब विपक्षी गुट लगातार प्रदीप हुड्डा गुट को झटका देने में लगा है।

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