मेरठ: मुस्लिम पार्षदों ने फिर नहीं गाया वंदेमातरम्...नगर निगम की बोर्ड बैठक में जमकर धक्का-मुक्की और हाथापाई

मेरठ। नगर निगम के वित्तीय वर्ष 2017-18 के पुनरीक्षित बजट को पास करने के लिए बुलाई गई नगर निगम बोर्ड बैठक एक बार फिर पार्षदों के बीच हाथापाई और धक्का-मुक्की की शिकार हो गई। भाजपा पार्षदों ने विधानसभा और लोकसभा के सत्र के दौरान बैठक बुलाने को दोनों सदन की अवमानना बताते हुए बैठक को किसी अन्य तिथि में बुलाने की मांग की। बसपा पार्षदों ने जबरन बजट पास करने का प्रयास किया तो दोनों दलों के पार्षद भिड़ गए। जमकर हाथापाई और धक्का-मुक्की हुई। स्थिति बेकाबू हुई तो पुलिस को मौके पर बुलाया। सूचना मिलते हीकई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और नगर निगम में बिगड़ी व्यवस्था को किसी तरह संभला। इस हंगामे को लेकर बैठक को तुरंत ही तत्काल प्रभाव से स्थागित कर दिया गया।
पुनरीक्षित बजट के लिए आज मंगलवार को टाउन हॉल के तिलक सभागार मैं बुलाई गई नगर निगम की बोर्ड बैठक बिना किसी नतीजे के ही समाप्त हो गई। महापौर सुनीता वर्मा की अध्यछता तथा अपर नगर आयुक्त अली हसन कर्नी व मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी की मौजूद ही में बैठक शुरू होते ही भाजपा पार्षद सुनीता प्रजापति ने बैठक के औचित्य पर ही सवाल खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि इस समय विधानसभा और लोकसभा दोनों सदनों के सत्र चल रहे हैं। नगर निगम अधिनियम के मुताबिक ऐसी स्थिति में नगर निगम की बैठक नहीं बुलाई जा सकती क्योंकि उक्त दोनों उच्च सदनों के सदस्य नगर निगम बोर्ड के नामित सदस्य भी हैं। भाजपा पार्षदों ने इस बैठक को दोनों सदनों की अवमानना बताया तथा इस बैठक को निरस्त करके नई तिथि में फिर से बैठक बुलाने की माग की। इतना कहते ही सदन में हंगामा खड़ा हो गया। बसपा पार्षदों ने भाजपा पर विकास विरोधी होने का आरोप लगाया वही महापौर ने विधिक स्थिति अफसरों से पूछी। काफी देर तक मंथन चला। इस दौरान भाजपा पार्षद ललित नामदेव ने अफसरों को नगर निगम एक्ट के नियम भी दिखाएं । बसपा पार्षद इकरामुद्दीन और कासिम ने पुनरीक्षित बजट को पास करने की माग की। इसी दौरान बसपा पार्षद गफ्फार खा ने अचानक उठ कर कर पुनरीक्षित बजट पास होने की घोषणा कर दी। सभी बसपा पार्षदों ने बजट पास होने के नारे लगाने शुरू कर दिए। भाजपा पार्षदों ने इसका विरोध किया। जिसे लेकर सदन में हंगामा खड़ा हो गया। दोनों पक्षों के पार्षदों में हाथापाई और धक्का-मुक्की होनी शुरू हो गई। इस दौरान माइक भी टूट गया। पुलिस फोर्स को सदन के भीतर आना पड़ा लेकिन पुलिस की भी किसी ने एक नहीं सुनी। हाल ही में कार्यकारिणी की बैठक में जहां मुस्लिम पार्षदों ने वंदे मातरम को तल्लीनता से गाया था वहीं मंगलवार की बैठक में उन्होंने फिर से वंदे मातरम का विरोध किया। बैठक के शुरू होते ही जैसे ही वंदे मातरम गायन शुरू किया गया मुस्लिम पार्षद सदन छोड़कर बाहर चले गए। किसी और दिन होगी बैठक।

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