मेरठ: मिला-जुला पेश किया भारत सरकार ने बजट

मेरठ। केन्दीय वित्त मंत्री अरूण जेटली द्वारा पेश किया गया बजट मिला-जुला रहा है। बजट में 2018-19 के बजट में भारत सरकार द्वारा 2०22 तक सभी गरीबों का आवास, गरीबों के लिए स्वास्थ्य योजना, उद्योगों को भी टैक्स से राहत, 16 नये एयरपोर्ट बनाने की घोषणा की गई है। सरकार ने महिलाओं, बुजुर्गो, उद्योग पतियों, किसानों को ध्यान में रखते हुए कुछ न कुछ दिया है। जबकि मध्यम वर्ग की नजर में यह बजट निराशाजनक रहा।
वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए बजट को व्यापारियों, छात्रों व आम लोगों ने लाइव देखा। बजट को लेकर सभी ने अपनी-अपनी राय दी। किसी ने बजट को आम बताया तो किसीन ने मिला जुला बताया।
संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि व्यापारी वर्ग के लिए यह बजट बहुत निराशाजनक रहा, न आयकर की सीमा बढ़ाई गई, न ही जीएसटी में रियायत दी गई। न ही नियमों में सरलीकरण किया गया।
संयुक्त व्यापार संघ के मंत्री विजय आनंद अग्रवाल ने कहा कि भारत सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में गरीबों के लिए मेडिकल कॉलेजों बनाने व बीमा पॉलिसी शुरू करने की योजना शुरू की है। वह सराहनीय है। बजट गरीबों के लिए बहुत अहम है।
कपड़ा व्यापारी स्मिता अग्रवाल ने कहा कि मध्यम क्लास को सरकार से भारी उम्मीदें थे, जो बजट में कम दिखाई दी है। सरकार द्वारा पेश किया गया बजट ठीक-ठाक है। लेकिन इस बजट के जरिए मोबाईल, गहने, कपड़े, जूते, खिलौने मंहगे होंगे, जो निराशाजनक है।
व्यापारी विकास गर्ग ने कहा कि मध्यम क्लास को इनकम टैक्स स्लैब में छूट की उम्मीद थी, जो इस बजट में नहीं हुई हैं। केवल स्टेडर्ड डिक्शन का बढ़ाकर कुछ राहत दी गई है। कुल मिलाकर बजट मिला जुला है।
व्यापार से जुड़े शिवम मंगोलिया ने कहा कि बजट में रोजगार देने की बात भारत सरकार ने बहुत अच्छी रखी है। रोजगार होने पर युवा भारत को विकास की ओर ले सकेंगे।
कंकरखेड़ा व्यापार संघ के मनोज कुमार शर्मा का कहना है कि बजट में कुछ खास नहीं है। मिला-जुला बजट पेश किया गया है। हालाकिं भारत सरकार ने गरीबों के लिए कई योजनाओं पर ध्यान दिया है। व्यापारी रिशु अग्रवाल ने कहा कि भारत सरकार ने किसानों व गरीबों को कुछ राहत दी है, लेकिन व्यापारी वर्ग के लिए कुछ खास नहीं किया। बजट में किसानों तथ गरीबों पर फोकस किया गया है, तथा देश की आर्थिक स्थिति सुधार की ओर बढ़ा कदम है। बजट में किसानों को दौगुनी आए करने का सरकार वायदा पूरा करने की ओर बढ़ा कदम है।

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