मेरठ: भैंसा-बुग्गी में टक्कर के बाद किसानों का तांडव, लाठीचार्ज...गिरफ्तारी के बाद किसानों ने घेरा थाना, जमकर नारेबाजी, पकड़े गए छह किसान छुड़ाए

मेरठ। थाना परतापुर क्षेत्र में शनिवार देर रात मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल के सामने गन्ने से लदी भैंसा-बुग्गी में टक्कर लगने के बाद किसानों ने जमकर तांडव मचाया। पहले पुलिसकर्मियों को घेरकर पीटा, वाहनों पर पथराव किया और राहगीरों व केन मैनेजर के साथ-साथ जो भी दिखा उसी को मारा। किसानों ने हाईवे जाम कर दिया, जिससे मेरठ-दिल्ली रोड पर भीषण जाम लग गया। हालात बेकाबू होते देख पीएसी बुलानी पड़ी। लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को खदेड़ा और जाम खुलवाया। घटना के बाद पुलिस द्वारा आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लेने के बाद रविवार को सैकड़ों की संख्या में किसानों ने परतापुर थाने का घेराव कर पकड़े गए किसानों को जबरदस्ती छुड़ा ले गए।
डिमौली गांव का एक किसान शनिवार रात मोहिउद्दीनपुर शुगर मिल में भैंसा-बुग्गी से गन्ना डालने आया था। देर रात लगभग साढ़े 9 बजे मिल के सामने सड़क पार करते वक्त, एक दूध की एक गाड़ी ने भैंसा-बुग्गी में टक्कर मार दी, जिससे भैंसे की टांग टूट गई। कुछ दूरी पर खड़े फैंटम सवार पुलिसकर्मियों ने गाड़ी को रोकने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। घटना से किसान आक्रोशित हो गए। उन्होंने पहले फैंटम सवार पुलिसकर्मियों को घेरकर पीटा और फिर गन्नों व ईंट-पत्थरों से हमला बोल दिया। जो सामने आया उसे पीटा, जो वाहन दिखा उसमें तोडफ़ोड़ की। देखते ही देखते दिल्ली रोड पर भीषण जाम लग गया। लगभग एक दर्जन वाहनों में तोडफ़ोड़ की गई तथा एक टैम्पो भी पलट दिया। इसी दौरान सिवाल रोड से शुगर मिल के केन मैनेजर आ रहे थे। किसानों ने उनकी गाड़ी भी घेर ली। केन मैनेजर ने अपना परिचय भी दिया, लेकिन किसी ने उनकी एक न सुनी व हमला कर दिया। हमले में उनकी गाड़ी का शीशा टूट गया और वह खुद भी घायल हो गए। किसान सड़क से नहीं हटे तो पीएसी बुला ली गई। देर रात पुलिस को उपद्रवियों को खदेडऩे के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस ने लाठी भांजी तो उपद्रवियों के साथ-साथ घायल भैंसे का मालिक भी फरार हो गया। पुलिस ने ही घायल भैंसे को सड़क से हटाया। आधा दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया।
किसानों के तांडव और विरोध के बीच दिल्ली हाइवे रात साढ़े नौ बसे से एक बजे तक जाम का शिकार रहा। किसानों ने दो पहिया वाहनों तक को नहीं निकलने दिया। हाइवे पर चक्का जाम हो गया। कुछ देर में ही वाहनों की कतार परतापुर तिराहे तक पहुंच गई। पुलिस की गाडिय़ों को भी उल्टी साइड से जाम स्थल तक पहुंचना पड़ा। रात लगभग 2 बजे के बाद यातायात सुचारू हो सका। मामला शांत होने के बाद कुछ किसानों ने पुलिस द्वारा पकड़े गए लोगों को निर्दोष बताते हुए छुड़वाने की गुहार लगाई। केन मैनेजर ने सीओ से मिलकर किसानों का पक्ष रखा, लेकिन कोई बात नहीं बन सकी। जिसके बाद रविवार सुबह सैकड़ों की संख्या में पहुंचे किसानों ने पकड़े गए छह किसानों को जबरदस्ती छुड़ा लिया।
सीओ ब्रहमपुरी अखिलेश भदौरियों ने बताया कि बलवा करने वाले कुछ लोग पकड़े गए हैं। पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट के अलावा पथराव व तोडफ़ोड़ की गई है। सरकारी कार्य में बाधा डालने, एनएच एक्ट, मारपीट व 7 क्रिमिनल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

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