मेरठ: छावनी में तब्दील हुआ सनौता, पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने डाला डेरा

मेरठ: छावनी में तब्दील हुआ सनौता, पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने डाला डेरा

मेरठ। फलावदा के सनौता गांव में दो पक्षों के बीच हुए खूनी संघर्ष में दो व्यक्तियों की मौत के बाद गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया। मृतकों के शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए, जिसके बाद कड़ी सुरक्षा में उनका अंतिम संस्कार किया गया, वहीं पुलिस और प्रशासनिक अफसर गांव में डेरा डाले हुए हैं। उधर, गिरफ्तारी के डर से गांव के अधिकांश दलित परिवार गांव से पलायन कर गए हैं।
गौरतलब है कि गुरूवार की रात सनौता में कार खड़ी करने को लेकर हुए विवाद में कुरैशी बिरादरी के दिलशाद और उसके भाई मनसाब की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना में दलित पक्ष दरियाव और कुछ मुस्लिम युवकों भी नामजद किया गया था। पुलिस ने एसएसपी मंजिल सैनी दहल के नेतृत्व में देर रात तक सर्च अभियान चलाते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया था। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार की सुबह करीब छह बजे दोनों युवको के शव गांव में पहुंचे तो कोहराम मच गया। सुरक्षा की दृष्टि से एसीएम अरविंद कुमार, एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव, एसपी देहात राजेश कुमार, एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी, सीओ सदर देहात रामअर्ज, सीओ मवाना यूएन मिश्रा, सीओ विजय प्रकाश, सीओ ब्रहमपुरी अखिलेश भदौरिया सहित कई थानों की फोर्स गांव में तैनात रही। पूरा गांव छावनी तब्दील रहा। उधर, घटना के बाद पुलिस कार्यवाही से बचने और गांव में व्याप्त तनाव को देखते हुए अधिकांश दलित परिवार अपने घरों पर ताले जड़कर पलायन कर गए हैं। दोपहर को कड़ी सुरक्षा में दोनों शवों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जनाजे में सनौता और आसपास के सैकड़ो ग्रामीण शामिल हुए।
जानकारी के अनुसार गुरूवार की शाम सनौता निवासी कुरैशी बिरादरी के दिलशाद और उसके भाई मनसाद ने दलित समुदाय के दरियाव के घर के सामने मारूती कार खड़ी कर दी। जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया और दोनों ही पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। दोनों ओर से हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में दिलशाद और मनसाद की मौत हो गई और पथराव में कई लोगों के घायल हो गए। घटना के बाद कुरैशी पक्ष के लोगों ने कुछ दलित घरों को निशाना बनाते हुए बाइकें तोड़ डालीं। जानकारी के बाद एसएसपी मंजिल सैनी दहल, एसपी देहात राजेश कुमार, कई सर्किल के सीओ और थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए गांव मे सर्च अभियान चलाया गया। इस दौरान दरियाव व एक पूर्व प्रधान सहित कई लोगों को हिरासत में लिया गया। चूंकि हमले में दोनों संप्रदायों के लोग शामिल थे, इसलिए संप्रदायिक तनाव जैसी स्थिती नहीं बनी। देर रात तक एसएसपी खुद आरोपियों की तलाश में गांव में सर्च अभियान में जुटी रहीं और कई घरों में सर्च अभियान चलाया गया।

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