मेरठ: किसानों की खुशहाली से होगा देश-प्रदेश का विकास: स्वास्थ्य मंत्री

मेरठ: किसानों की खुशहाली से होगा देश-प्रदेश का विकास: स्वास्थ्य मंत्री

मेरठ। किसानों के विकास के बिना कोई भी देश व प्रदेश विकास नहीं कर सकता तथा किसी भी देश की अच्छी विकास दर का कारण कृषकों की खुशहाली एवं पर्याप्ता से अधिक फसल का उत्पादन होना होता है। यह उद्गार शुक्रवार को प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा व जनपद के प्रभारी मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने विक्टोरिया पार्क में आयोजित फसल ऋण मोचन योजना के अन्तर्गत कृषक ऋण मोचन प्रमाण पत्र वितरण समारोह में व्यक्त किये। इस अवसर पर मंत्री द्वारा 5 हजार ऋणी कृषकों को ऋण मोचन प्रमाण पत्र प्रदान किये गये है।
प्रभारी मंत्री ने कृषक ऋण मोचन प्रमाण पत्र वितरण समारोह का दीप प्रज्जवलन कर शुभारंभ किया। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि फसल ऋण मोचन योजना मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है जिसके लिये वह स्वंय निरंतर समीक्षा करते है। चुनाव के दौरान संकल्प पत्र में किये गये वादों को प्रदेश सरकार 5 माह में पूर्ण करती आ रही है, तथा समाज के हर वर्ग सहित ग्रामों व किसानों को बिना भेदभाव के विकास के प्रकाश से जागृत करने का कार्य कर रही है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पंडित दीनदयाल जी की एकात्म मानववाद की सोच पर चलते है और उसी के अनुरूप बिना भेदभाव के समाज के अन्तिम व्यक्ति को लाभान्वित कराते है।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि देश के संचालन में जितना योगदान सरकारों का रहता है, उससे अधिक योगदान किसानों को होता है क्योकि उन्ही के द्वारा उत्पादित अन्न से ही देश को अन्न प्राप्त होता है। वर्ष 1965 में जब भारत में अन्न की कमी हुई थी तो अमेरिका ने भारत को अन्न देने बदले देश का सोना व पैसा गिरवी रखने की शर्त रखी थी, जिस पर तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री द्वारा जय जवान जय किसान नारे के परिपेक्ष्य में देशवासियों से प्रत्येक सोमवार को अन्न न खाने का निर्णय लिया था, जिससे देश में बहुत बड़ी क्रान्ति आयी और देश में किसानों त्याग एवं कड़ी मेहनत के कारण अन्न का उत्पादन अधिकाधिक बढता चला गया, जिसके कारण आज हम अपने देश की पूर्ति करते हुए अन्य देशों को भी अन्न निर्यात कर रहे है।
उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2०22 तक किसानों की आय दोगुना किये जाने का विजन देश को दिया है, जिसके क्रम में प्रदेश सरकार की वर्तमान फसली ऋण योजना इस दिशा में एक प्रमुख पहल है। उन्होंने कहा कि इस योजना से प्रदेश के 86 लाख लघु एवं सीमान्त किसानों के 31 मार्च 2016 तक लिये गये फसली ऋण में से 31 मार्च 2017 तक बकाया, के बोझ को न केवल उनके कन्धो से उतारने का प्रयास है बल्कि उनकी साख को बढाकर उन्हे भविष्य से बैंकों से ऋण प्राप्त करने में मदद करते हुए साहुकारों के दुष्चक्र से भी बचाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि केन्द्र व प्रदेश सरकार किसानों के उन्न्यन एवं सतत विकास हेतु अनेको योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि ऋण मोचन किसानों के विकास हेतु स्थायी उपाय नही है, इससे महत्वपूर्ण किसानों की मूल आवश्यकता बिजली, खाद व पानी को उपलब्ध कराना है। बिजली की निर्बाध आपूर्ति देने के लिये बिजली का खराब ढांचा ठीक करने हेतु नये फीडर स्थापित कराये जा रहे, ट्रांसफार्मर तथा जर्जर तारों को बदला जा रहा है तथा उत्पादन बढ़ाया जा रहा है, जिससे किसानों को 20 से 24 घंटे मिल सके। उन्होंनें कहा कि पश्चिम यूपी में डार्क जोन होने के कारण भूजल स्तर गिर रहा है, जिसको देखते हुए सरकार द्वारा ड्रिप योजना में कृषकों को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 90 प्रतिशत तक अंनुदान दिया जा रहा हैं। उन्होंने बताया कि किसानों को सही बीज व उर्वरक प्रदान करने के लिये 19 नये कृषि विज्ञान केन्द्र खोले गये है, जिससे किसानों को नयी तकनीकि के आधार पर खेती करने की जानकारी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गर्भवती मां को स्वस्थ रखने के लिये स्वास्थ्य विभाग हेल्थ कार्ड जारी करता है उसी प्रकार कृषकों को मृदा परीक्षण कार्ड भी जारी किये गये है जिसमें किसान अपनी मिट्टी की जानकारी प्राप्त कर उसी के अनुरूप फसल बोकर उर्वरक आदि का उपयोग कर आय को दुगना कर सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों को यूरिया भरपूर मात्रा में मिल रहा है। उन्होने जनपद के पात्र कृृषकों से अपील की कि वह अपना आधार कार्ड को बैंक खाते से लिक करायें ताकि उन्हे भी उक्त योजना से लाभान्वित किया जा सके।
संासद राजेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि किसान हमारा अन्नदाता व पालक है। उन्होंने कहा कि आज का यह ऋण मोचन कार्यक्रम सरकार द्वारा किसानों के हितार्थ चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं का हिस्सा है। हमारा किसान जरूरत से ज्यादा अन्न उत्पादित कर रहा है। इस अवसर पर विधायक संगीत सोम, डा. सोमेन्द्र तोमर, दिनेश खटीक, सत्यवीर त्यागी, जितेन्द्र पाल सिंह सतवाई, जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविन्दर सिंह ने भी समारोह को संबोधित किया तथा प्रदेश सरकार योजनाओं एवं कार्यक्रमों से किसानों को अवगत कराया। जिलाधिकारी समीर वर्मा ने बताया कि फसल ऋण मोचन योजना के अन्तर्गत जनपद के 123217 लघु एवं सीमान्त कृषकों को चुना गया है, जिसमें 39316 कृषकों के आधार कार्ड बैंकों से लिक हो गये है तथा 13740 कृषकों में से 5 हजार कृषकों को प्रथम चरण में प्रमाण पत्र वितरित किये गये। उन्होंने बताया कि अवशेष पात्र कृषकों को आगामी कार्यक्रमों में ऋण मोचन प्रमाण पत्र से लाभान्वित किया जाएगा। इस अवसर पर आयुक्त मेरठ मण्डल डा. प्रभात कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मजिल सैनी मुख्य विकास अधिकारी आर्यका अखौरी, अपर जिलाधिकारी वित्त आनन्द कुमार शुक्ला, नगर मुकेश चन्द्र, एसडीएम सदर संतोष बहादुर सिंह, मवाना अंकुर श्रीवास्तव, सरधना राकेश कुमार, एसीएम अरविन्द कुमार सिंह, ज्ञान प्रकाष यादव, गुलषन, जिला विकास अधिकारी अतुल मिश्रा, परियोजना निदेशक भानू प्रताप सिंह आदि उपस्थित रहे।

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