मेरठ: बकराईद को लेकर सरकार की तरफ से किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं, मिल-जुलकर मनाये त्यौहार: एसडीएम

मेरठ: बकराईद को लेकर सरकार की तरफ से किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं, मिल-जुलकर मनाये त्यौहार: एसडीएम

मेरठ। बकरीद के त्यौहारों को देखते हुए थाना परिसर में एक शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए एसडीएमराकेश कुमार ने सभी से त्यौहारों को आपसी सौहार्द व प्रेमभाव से मनाने का आहवान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि आपसी सौहार्द बिगाडऩे वाले असमाजिक तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जायेगा।,
दोपहर दो बजे सरधना थाना परिसर में आयोजित शांति समिति की बैठक को संबोधित करते हुए एसडीएम राकेश कुमार ने कहा कि सभी धर्म शांति व सौहार्द का संदेश देते है। एसडीएम ने लोगों से ईद-उल-अजहा के त्यौहारों को शांति पूर्वक व आपसी सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। सीओ भीम कुमार गौतम ने कहा कि पुलिस व आम जनता को मिलजुल कर अपराध व अपराधियों से निपटना होगा तभी अपराधों पर पूरी तरह से अंकुश लग पायेगा। मीटींग मे सभी अधिकारियों ने ये बात साफतौर पर कही कि बकराईद को लेकर सरकार की तरफ से किसी तरह की कोई पाबंदी नही है, जिस तरह से मुसलमान हमेशा बकराईद मनाते आयें है, इसी तरह से इस बार भी मनायें। सिर्फ इतना ख्याल रखा जाये कि जिन गांवों या जगहों पर जानवरों की कुर्बानी नही होती है, वहां अब भी नही होगी। बाकि पशु पैंठ से कुर्बानी के जानवरों को लाने ले जाने या कुर्बानी मे किसी तरह की कोई पाबंदी नही है। मुस्लिम भाईयों से अपील है कि हम लोग अपने इस त्योहार को पूरे इख्लास से मनाये और इस बात का भी ख्याल रखे कि हमारे किसी भी अमल से हमारे किसी हिंदू भाई को या उस शख्स को जो गोश्त नही खाता है परेशानी नही होनी चाहिए। इसलिये अपनी कुर्बानी को खुली जगह ना करे, कुर्बानी के गोश्त को अगर एक जगह से दूसरी जगह ले जाना हो तो कपड़े से ढककर ले जाये। चमड़ा या दूसरे अवशेष आम रास्ते या खुली जगह पर ना डालें। क्योंकि हम सम्मान तभी पा सकते है जब हम दूसरो को सम्मान देंगे। उन्होंने बैठक में उपस्थित गणमान्य लोगों से कहा कि अगर उनके गांव या मौहल्लों में किसी भी प्रकार की कोई घटना होती है तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दे। उन्होंने कहा कि बकरीद के त्यौहारों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये है। इस अवसर पर सूर्यदेव त्यागी, पूर्व चेयरमैन असद गालिब, पूर्व चेयरमेन निज़ाम अंसारी,आगा ऐनुदीन शाह,समर कुरैशी, पंकज जैन आदि ने भी विचार व्यक्त किये। और अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि सरधना का इतिहास आपसी सौहार्द का रहा है तथा यहां पर हिन्दू व मुसलमान आपस में मिल-जुल कर अपने त्यौहारों को मनाते है।

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