विद्युत चोरी रोकने के साथ-साथ अधिक राजस्व अर्जित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है 'क्लीन-अप' अभियान

विद्युत चोरी रोकने के साथ-साथ अधिक राजस्व अर्जित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है क्लीन-अप अभियान

मेरठ। 'क्लीन-अप' अभियान ने 1 जून, 2019 से अबतक बकायेदारों से रू० 3167.50 लाख की राजस्व वसूली अर्जित की है एवं इसी के साथ-साथ विद्युत चोरी रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुये 2619 कनेक्शनों के विरूद्ध एफ०आई०आर० दर्ज करायी है। पश्चिमांचल डिस्काम के मेरठ, नोएडा, सहारनपुर, बुलन्दशहर, मुरादाबाद एवं गाजियाबाद के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 1 जून, 2019 से ग्रामीण वितरण क्षेत्रों के 50 प्रतिशत से अधिक एवं शहरी क्षेत्रों के 30 प्रतिशत से अधिक 11 के०वी० 431 हाई लॉस फीडरों पर अधिक भार वाले उपभोक्ताओं की चैकिंग हेतु 'क्लीन-अप' अभियान प्रतिदिन व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि प्रबन्धन द्वारा अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर 'क्लीन-अप' अभियान में तेजी लाने के निर्देश पूर्व मे ही दिये जा चुके है। अभियान में चिन्हित किये गये फीडरों पर इनर्जी ऑडिट के आधार पर, चिन्हित कम उपभोग वाले संदिग्ध विद्युत उपभोक्ताओं के परिसरों पर, मीटर की चैकिंग तथा विद्युत चोरी की रोकथाम के लिए रेड्स तथा मीटर टेम्परिंग/छेड़छाड़ इत्यादि पाये जाने पर, नियमानुसार अपराधिक मामला भी दर्ज कराया जा रहा है। डिस्काम के अन्र्तगत ग्रामीण क्षेत्रों में 22 जुलाई तक कुल रू० 5000 से अधिक राशि के 32436 बकायेदारों के संयोजन विच्छेदित किये गये एवं रू० 1115.60 लाख की राजस्व वसूली की गयी।

आईडेन्टिव डिफेक्टिव (आई०डी०एफ०) मीटर के प्रकरणों में 7924 नये मीटर बदले गये। अभियान में 1576 कनेक्शनों के विरूद्ध एफ०आई०आर० दर्ज करायी गयी। शहरी क्षेत्रों के अन्र्तगत रू० 10,000 से अधिक बकायेदारों के 14640 संयोजन मौके पर विच्छेदित किये गये एवं रू० 2051.90 लाख की राजस्व वसूली की गयी। अभियान में 1043 कनेक्शनों के विरूद्ध एफ०आई०आर० दर्ज करायी गयी।

आशुतोष निरंजन (आईएएस) प्रबन्ध निदेशक, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लि०, मेरठ द्वारा अधिकारियों को अभियान में बकायेदारों से अधिक राजस्व जुटाने के लिये सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने फील्ड में कार्यरत अधिकारियों को समन्वय स्थापित कर राजस्व वसूली के निर्देश दिये हैं, जिससे कि कार्य में और पारदर्शिता लाकर विद्युत चोरी रोकने के साथ-साथ राजस्व वसूली को बढ़ाया जा सके।

Share it
Top