बिजली आपूर्ति पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट सपा सदस्यों ने परिषद से किया बहिर्गमन

बिजली आपूर्ति पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट सपा सदस्यों ने परिषद से किया बहिर्गमन

लखनऊ । उत्तर प्रदेश विधान परिषद में बिजली व्यवस्था को लेकर सरकार के जवाब से असंतुष्ट समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों ने आज सदन से बहिर्गमन किया ।
शून्य प्रहर में सपा सदस्य एवं नेता विराधी दल अहमद हसन के अलावा बलराम यादव समेत अन्य सदस्यों ने राज्य में बिजली आपूर्ति को लेकर कार्यस्थन की सूचना दी ।
सूचना की ग्राह्यता पर बल देतेे हुए बलराम यादव ने कहा कि जब से प्रदेश मेंं भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की सरकार आई है बिजली आपूर्ति चरमरा गई है। हसन ने कहा कि प्रदेश की जनता बिजली के संकट से परेशान है । उन्होंने कहा कि बिजली जैसे गंभीर विषय पर सदन में काम रोककर चर्चा कराई जाये ।
नेता सदन डा0 दिनेश शर्मा ने 19 मार्च को शपथ लेने के बाद सरकार ने सबसे पहले बिगडे हुए सिस्टम में सुधार का काम करते हुए बिजली चोरी रोकी और व्यवस्था में सुधार किया और बिजली खरीद कर आपूर्ति काे बढाया । आज प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे , तहसील क्षेत्र में 20 घंटे और जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है ।
ट्रांसफार्मर जलने एवं लाइन की गडबडी के कारण कुछ देर बिजली अापूर्ति हो सकती है लेेकिन जून माह में प्रदेश सरकार ने रिकार्ड 18 हजार मेगावाट बिजली की आपूर्ति की जबकि पिछले साल जून में 16 हजार मेगावाट बिजली आपूर्ति की गई थी । शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार 48 घंटे में खराब टांसफार्मर बदल रही है जबकि पहले एक-एक काम तक नहीं बदले जाते थे ।
उन्होंने कहा कि सपा सरकार के आंकडों के मुताबिक अप्रैल 2016 में ग्रामीण क्षेत्र में 13 घंटे जबकि भाजपा सरकार ने करीब साढे 17 घंटे बिजली आपूर्ति की ।
इसी तरह तहसील स्थत पर सपा के समय 15 घंटे जबकि हमारी सरकार ने 20 घंटे और जिला मुख्यालयों पर पहले 20 घंटे और अब 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है ।
नेता सदन ने कहा कि उनकी सरकार अगस्त 2018 तक प्रदेश में 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने के लिए संकल्पति है और सपा ने जो भी आरोप लगाये उनमें कोई दम नहींं है । सरकार के जवाब से अंसतुष्ट सपा के सभी सदस्यों ने सदन से बहिर्गम किया ।

ग्रामीण क्षेत्रों में तो बिजली के नहीं आने से नलकूप नहीं चलने के कारण किसान धान की फसल की रोपाई भी समय से नहीं कर पाये । भाजपा सरकार के राज में लखनऊ शहर में दो से चार घंटे बिजली की आपात कटौती की जा रही है और 50 हजार की आबादी वाले इलाकों में कई घंटे तक अंधेरा इस तहर की खबरे छप रही हैं ।
उन्होंने कहा कि सपा सरकार जब सत्ता में आई थी तब प्रदेश में 1860 लाख यूनिट बिजली आपूर्ति थी। अखिलेश यादव सरकार ने बिजली का उत्पादन बढाकर 22740 लाख यूनिट कर दिया और ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे, तहसील क्षेत्र में 20 और जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे बिजली देने का काम किया ।
भाजपा ने 100 दिन में न तो कोई बिजली उत्पादन बढाने का काम किया और न ही कोई पारेषण लाइन खिंची और बिजली व्यवस्था को सुधाने का प्रचार कर रही है ।
प्रदेश में बिजली का घोर संकट है और लोग अब सपा सरकार को याद करने लगे हैं । उन्होंने बिजली व्यवस्था में काम रोकर सदन में चर्चा कराने की मांग की ।
नेता विरोधी दल अहमद हसने ने कहा कि इस सरकार ने अपने 100 दिन के कार्यकाल में कोई ऐसा काम शुरु नहीं किया जिससे जनता को लाभ हुआ है । चुनाव में प्रदेश में स्वर्ग बनाने का नारा दिया लेकिन नरक बनाकर रख दिया। भाजपा सरकार केवल टास्क फोर्स गठन करने का ही काम कर रही ।
सरकार ने सामाजिक वेलफेयर का कोई काम नहीं किया बल्कि सपा सरकार ने लोगों के भले के लिए जो पेंशन आदि की योजनाएं शुरु की थी उन्हें भी बंद करने का काम किया जा रहा है । प्रदेश में बिजली उत्पादन बढाने के लिए कारखाने नहीं बना रही है बल्कि बिजली थाने बना रही है ।

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