विधान परिषद सदस्यों को टोल टैक्सकर्मी नहीं मानते विधायक

विधान परिषद सदस्यों को टोल टैक्सकर्मी नहीं मानते विधायक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्यों की मानें तो टोलटैक्स कर्मी उन्हें विधायक ही नहीं मानते। परिषद में शून्य प्रहर में नेता विरोधी दल अहमद हसन समाजवादी पार्टी के उदयवीर सिंह, शिक्षक दल के जगवीर किशोर जैन, ध्रुव कुमार त्रिपाठी, भाजपा के देवेन्द्र ने कहा कि तीन जुलाई को लखनऊ अपने निजी वाहन से आने के दौरान आगरा-दिल्ली-यमुना एक्सप्रेस-वे के आगरा टोल बूथ पर विधायक का परिचय पत्र दिखाने के बाद कर्मचारियों ने दुव्र्यवहार किया। इससे आहत सदस्यों ने कार्यवाही करने की मांग की। भाजपा सदस्य देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि टोल केन्द्रों पर काम करने वालों की पृष्ठ भूमि की जांच होनी चाहिए। विधान परिषद सदस्यों के प्रति उन लोगों का व्यवहार ठीक नहीं हैं। उनका कहना था कि टोल टैक्स के ज्यादातर ठेके माफियाओं और गुण्डों के पास हैं। उनके कर्मचारियों के बजाय उनके मालिकों को यहां बुलाकर सदस्यों की समस्या का समाधान करायें। उन्होंने कहा कि परिचय पत्र दिखाने के बाद भी टोलकर्मी उन्हें विधायक नहीं मानते हैं। सदस्यों का कहना था कि उनके पहचान पत्र में संशोधन कर विधान परिषद के सदस्य के साथ विधायक भी लिखा जाये। विधान परिषद सदस्य के परिचय पत्र देने के बाद भी टोलकर्मी उन्हें विधायक नहीं मानते और उनके साथ बदसलूकी करते हैं। नेता सदन दिनेश शर्मा ने कहा कि यह गंभीर मामला है और पीठ की तरफ से जो भी निर्देश होगा सरकार कदम उठायेगी। सभापति रमेश यादव ने सूचना सरकार को प्रभावी एवं ठोस कार्रवाई के लिए संदर्भित करते हुए दलीय नेताओं की बैठक में घटना के संबंध में निराकरण किये जाने के निर्देश दिये। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभापति श्री यादव ने सभी दलीय नेताओं की बैठक बुला ली।

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