शराब माफियाओं पर कसा जा रहा शिकंजा

शराब माफियाओं पर कसा जा रहा शिकंजा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आज विधान परिषद में कहा कि वह शराब माफियाओं के खिलाफ कडी कार्रवाई कर रही है और अब तक 3392 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजने का काम किया है।
शून्य प्रहर में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सुनील कुमार चितौड़, दिनेश चन्द्रा, डा. विजय प्रताप एवं अन्य सदस्यों ने गत सात जुलाई को आजमगढ़ जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के संबंध कार्यस्थन सूचना दी। सूचना की ग्राहय्ता पर सुनील कुमार चितौड़, डा. विजय प्रताप, अतर सिंह ने विचार व्यक्त किये। बसपा सदस्यों ने कहा कि आजमगढ़ की घटना में छोटे कर्मचारियों को निलंबित कर दिया, जबकि किसी भी बडे अधिकारी की गिरफ्तारी नहीं हुई। श्री चित्तौड ने कहा कि इस घटना के लिए नैतिकता के आधार पर आबकारी मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब लोगों को जहरीली शराब पिलाकर मारा जा रहा है। मात्र दो लाख रुपया मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता देने से उनकी भरपाई नहीं की जा सकती। सरकार इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करायेे। बसपा सदस्य ने कहा कि शामली जिले के ऊन क्षेत्र के टोडा गांव में अब तक शराब पीने से 52 महिलाएं विधावा हो चुकी हैं। इस सूचना पर सदन का काम रोककर चर्चा कराने की मांग की। नेता विरोधी दल अहमद हसन ने कहा कि अवैध हो या वैध शराब पर पाबंदी लगाई जाये। सरकार जाति विशेष के लोगों को शराब के धंधे से जोड़कर देख रही है, जो ठीक नहीं है। सरकार शराब माफियाओं के खिलाफ कुछ नहीं कर रही है। इसी कारण आजमगढ जैसी घटनाएं हो रही हैं। नेता सदन एवं उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने सदन को तथ्यों से अवगत कराते कहा सरकार सरकार का अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ कडी कार्रवाई कर रही है। आजमगढ़ की घटना के बाद आठ जुलाई से 15 जुलाई तक 7822 मामले दर्ज करते हुए इस धंधे से जुडे 3372 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इसके अलावा एक लाख 72 हजार 551 ब्लक लीटर शराब बरामद करने के साथ दस लाख 3677 किलोग्राम शराब बनाने का कच्चा माल लहन बरामद किया। इसके अलावा 64 वाहनों को जब्त किया गया। उन्होंने बताया कि आजमगढ़ में गत सात जुलाई को जहरीली शराब पीने से 21 लोगों की मृत्यु हुई थी। इसके पहले वर्ष 2009 में जहरीली शराब पीने से नौ लोगों और 2013 में इसी जिले में 40 लोगों की मृत्यु हुई थी। 2013 में आजमगढ़ में जहरीली शराब काण्ड में पुलिस ने सुरेश यादव, पिन्टू यादव और मुन्ना राजभर को गिरफ्तार किया गया था। वे ही लोग इस घटना के लिए भी जिम्मेदार हैं। श्री शर्मा ने कहा कि अपराधी की कोई जाति और धर्म नहीं होता, अपराधी, अपराधी होता है। उन्होंने कहा कि शराब मामले की मजिस्ट्रेरियल जांच के आदेश दे दिए गये हैं। जांच में कई नेता बेनकाब होंगे। उन्होंने सदन को आश्वासन दिया कि जांच में दोषी पाये जाने पर न अधिकारी बचेगा और न अपराधी। सरकार शराब माफियाओं के खिलाफ गंभीर है। सभापति रमेश यादव ने सूचना पर कार्यस्थन अस्वीकार करते हुए सरकार को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।

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