फसल ऋण मोचन योजना के क्रियान्वयन के लिये प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन

फसल ऋण मोचन योजना के क्रियान्वयन के लिये प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन

लखनऊ। लघु एवं सीमान्त किसानों के विकास के लिये उत्तर प्रदेश सरकार की फसल ऋण मोचन योजना के सिलसिले में आज यहां एक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में संस्थागत वित्त विभाग, एन0आई0सी0, संयोजक राज्य स्तरीय समन्वय समिति तथा कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा योजना के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी गयी। कार्यशाला में आये विभिन्न जिलों के मुख्य विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी एवं प्रबन्धक जिला अग्रणी बैंक आदि अधिकारियों की सभी जिज्ञासओं का समाधान भी किया गया ताकि प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को जनपद स्तर पर प्रभावी रूप से क्रियान्वयन सुनिश्चित कराया जा सके। इस अवसर पर कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रजनीश गुप्ता ने योजना के प्रभावी संचालन के लिये सभी अधिकारियों को पूरे मनोयोग से लगने को कहा। कृषि निदेशक, ज्ञान तथा विशेष सचिव कृषि पवन कुमार ने सभी अधिकारियों को योजना के अन्तर्गत विभाग के दायित्वों एवं कार्यों के सम्बन्ध में निर्देशित करते हुए अपेक्षा की, कि कृषि विभाग के अधिकारी योजना के सम्बन्ध में पूर्ण तत्परता एवं सजगता से सफलतापूर्वक योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करायें। फसल ऋण मोचन कार्ययोजना के मुख्य बिन्दु प्रदेश में निवास करने वाले किसान जिनकी कृषि भूमि प्रदेश में स्थित हो तथा प्रदेश में स्थित बैंक शाखा से फसली ऋण लिया गया हो। किसान के पास भूमि का कुल क्षेत्रफल लघु किसान के लिये दो हेक्टेयर व सीमान्त किसान के लिए एक हेक्टेयर से अधिक न हो। किसान की फसली ऋण को रिजर्व बैंक के दिशानिर्देश के अनुसार प्राकृतिक आपदाओं के होने के कारण पुर्नसंरचना कर दी गयी हो, पात्र होंगे।

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