शराब के नशे में डॉक्टरों ने मचाया उत्पात, मेडिकल छात्रों को सीढ़ियों से फेंका

शराब के नशे में डॉक्टरों ने मचाया उत्पात, मेडिकल छात्रों को सीढ़ियों से फेंका


नये साल की पार्टी में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने दिया शर्मनाक घटना को अंजाम

कानपुर। गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज परिसर में नए साल की चली रेव पार्टी में शराब के नशे में मदहोश हुए जूनियर डॉक्टरों ने जमकर उत्पात मचाया। आरोप है कि नशे में धुत जूनियर रेजिडेंट सर्जरी विभाग के बीएच-4 हॉस्टल में घुस गए और इंटर्न छात्रों की जमकर पिटाई की। मदहोशी में उन्होंने मोटरसाइकिलें, फर्नीचर तोड़ते हुए छात्रों को सीढ़ियों से फेंक दिया। मामले की शिकायत एंटी रैगिंग सेल में करते हुए पीड़ित इंटर्न छात्रों ने प्रिंसिपल को चिट्ठी लिखकर इंसाफ की गुहार लगाई है।

मेडिकल कॉलेज परिसर में सर्जरी विभाग के जूनियर रेजिडेंट्स डॉक्टरों की पार्टी चली। पार्टी में तेज आवाज से संगीत बजाये गये और हो-हल्ला किया गया। पार्टी में नशे का भी बंदोबस्त किया गया था। जिसे पीकर 20-25 जूनियर रेजिडेंट्स मदहोश होकर छात्रों के हॉस्टल नम्बर चार में जा पहुंचे। आरोप है कि यहां घुसते ही उन्होंने गालीगलौज के साथ मोटरसाइकिलें और कुर्सियां तोड़ना शुरु कर दिया। कुछ कमरों के दरवाजे भी लात मारकर तोड़ने का प्रयास किया। इस बीच कुछ छात्रों ने दरवाजे खुले तो उन्हें बाहर निकालकर जमकर पीटा गया। इस बीच कुछ छात्रों को उन्होंने सीढ़ियों से नीचे फेंक दिया। जिससे वह घायल हो गये। हंगामे के बाद जूनियर रेजिडेंट्स चले गये। जाते-जाते उन्होंने फोन पर छात्रों को धमकी दी कि किसी को कुछ बताया तो इंटर्नशिप पूरी नहीं करने देंगे।

इस मामले की जानकारी पर डॉ. संजय काला को दी गई। उन्होंने मामला प्रिंसिपल डॉ. आरती लाल चंदानी को बताया। जूनियर डाक्टरों की हरकत पर मंगलवार को कोई सुनवाई न होने पर इंटर्न छात्रों ने एंटी रैगिंग हेल्पलाइन में अपनी शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद मामेल में जांच के आदेश हुए तो कॉलेज प्रशासन के कान खड़े हो गये। इसके बाद पैरा-एच-टू (2013 बैच) के 50 छात्रों के हस्ताक्षर वाली शिकायती चिट्ठी प्रिंसिपल डॉ. आरती लालचंदानी को सौंपी गई। इंटर्न छात्रों के अनुसार छह जनवरी को पीजी प्रवेश परीक्षा है, लेकिन इस दबाव के चलते वह पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। रॉयल बुलेटिन की नई एप प्ले स्टोर पर आ गयी है।royal bulletin news लिखे और नई app डाउनलोड करें

काफी कोशिशों के बावजूद मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. आरती लालचंदानी, मीडिया प्रभारी डॉ. अजय शर्मा और डॉ. गणेश शंकर से बात नहीं हो सकी। स्वरुपनगर थाने के इंस्पेक्टर वीर सिंह के अनुसार कॉलेज प्रशासन ने उन्हें कोई ऐसी कोई भी जानकारी नहीं दी। मामला संज्ञान में आने पर जांच कर कार्यवाही की जाएगी।


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