2019 तक कानपुर को बनाया जाएगा आदर्श नगर : सतीश महाना

2019 तक कानपुर को बनाया जाएगा आदर्श नगर : सतीश महाना


कानपुर। केन्द्र व प्रदेश के बाद कानपुर की सरकार भी भारतीय जनता पार्टी की हो गई है, जिससे केन्द्र व प्रदेश से आने वाला रूपया सही जगह पर लग सकेगा। ऐसे में हम हर संभव प्रयास करेंगे कि 2019 तक गली मोहल्ले ही नहीं पूरा कानपुर महानगर आदर्श नगर बन सके। यह बात प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतीश महाना ने अपने विधानसभा क्षेत्र के एक कार्यक्रम में शहरवासियों को संबोधित करते हुए कही।
रविवार को प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना द्वारा रामादेवी चौराहा सुंदरीकरण किये जाने के कार्यों का शिलान्यास किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता एवं जनता के द्वारा चुने गए नवनिर्वाचित पार्षद व नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहें। इस दौरान भारी भीड़ देख मंत्री गदगद हो गये और अपने संबोधन में कहा कि इस चौराहे का ऐसा सुंदरीकरण किया जाएगा जिससे इलाहाबाद और लखनऊ से आने वाले लोगों को कानपुर की झलक मिल सके। इसको आदर्श चौराहे के रूप में विकसित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अब तो जनता के आर्शीवाद से केन्द्र, व प्रदेश के साथ कानपुर की सरकार भी भाजपा की हो गई। जिससे यह चौरहा ही नहीं पूरे कानपुर को आदर्श नगर 2019 तक बनाया जाएगा। महाना ने कहा कि शीघ्र ही एक कार्य योजना बनाकर अधिकारियों की टीम बनाकर विकास के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जाएगा।
विपक्षियों पर बोला हमला
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने कहा कि पिछले 15 वर्षो में उ.प्र. में उद्योगों का विकास नहीं हुआ है, बल्कि केवल रियल स्टेट का विकास हुआ है। पिछले आठ महीने के दौरान नई सरकार ने इस अविश्वास के माहौल को दूर कर विश्वास का माहौल बनाने में सफलता पाई है। हम दावे के साथ कह सकते हैं कि अगले दो वर्षो के भीतर उप्र में गुजरात की तर्ज पर विकास की एक झलक दिखाई देगी।
उन्होंने कहा कि उ.प्र. में निवेश लाने के लिए उद्योगपतियों को यहां सुरक्षा का माहौल देना पहली चुनौती है। जिसके लिए लगातार योगी सरकार प्रयास कर रही है। उद्योगपतियों के मन में ज्यादा चिंता यहां के हालात को लेकर था। लेकिन हमने उन्हें आश्वस्त किया है कि नई सरकार के गठन के बाद परिस्थितियां बदल चुकी हैं। सरकार उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए उन्हें एक बेहतर माहौल उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि उत्तर प्रदेश में मृतप्राय उद्योगों को नए सिरे से खड़ा किया जाए और इसमें कम से कम एक वर्ष का समय लगेगा। हमने गुजरात के उद्योगों और वहां की नीतियों को समझा है। इसके बाद हम महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों में जाने और वहां की औद्योगिक नीतियों को समझने का प्रयास करेंगे। गुजरात की करीब तीन करोड़ जनता मिलकर वहां का विकास कर सकती है तो उत्तर प्रदेश की 22 करोड़ जनता यहां का विकास क्यों नहीं कर सकती।

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