एटा: दोहरे हत्याकांड का आरोपित 35 वर्ष बाद गिरफ्तार

एटा: दोहरे हत्याकांड का आरोपित 35 वर्ष बाद गिरफ्तार


एटा। जनपद में 35 वर्ष पूर्व हुए दोहरे हत्याकांड के आरोपित को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। हत्यारोपित पुलिस को उस वक्त हाथ लगा, जब 25 हजार की रंगदारी ने देने पर जान से मारने की धमकी के मामले की जांच कर रही थी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि राजा का रामपुर थाना क्षेत्र के गांव सिमरई निवासी सुग्रीव सिंह ने थाने में एक तहरीर दी कि पांच सितम्बर को जब वह अपने गांव से अलीगंज जा रहा था तभी नगला करन के पास पीछे से आये मोटर साइकिल पर सवार उसे गांव का श्रीपाल व एक अन्य व्यक्ति मिले। जिन्होंने 25 हजार की रंगदारी मांगी तथा न दिये जाने पर जान से मारने की धमकी दी।

मामले की प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस ने रविवार को आरोपित सिमरई निवासी श्रीपाल को एटा के कोतवाली नगर क्षेत्र के पीपलअड्डा से सुबह करीब 7 बजे गिरफ्तार कर पूछताछ की। जांच में यह पता चला कि पकड़ा गया आरोपित सिमरई वर्ष 1984 में हुई दामाद व ससुर की हत्या के मामले का 35 वर्ष से फरार चल रहा है। पुलिस ने उसका बयान दर्ज कर न्यायालय में पेश किया।

गौरतलब है कि 13 जून 1984 को श्यामपाल की हत्या कर दी गई थी। मृतक के ससुर साहब सिंह ने ब्रजेश पुत्र चतुरी यादव, श्रीपाल पुत्र सरदार सिंह, भूरे व थान सिंह पुत्र गंगासिंह यादव व रामवीर पुत्र लीलाधर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इस बीच आरोपितों ने 21 दिसम्बर 1984 को साहब सिंह की भी हत्या कर दी। श्रीपाल ​हत्याकांड के बाद से फरार चल रहा था।


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