यमुना में नाव डूबने से गायब दो लोगों को खोजने के लिए 20 किमी. तक चला सर्च आपरेशन

यमुना में नाव डूबने से गायब दो लोगों को खोजने के लिए 20 किमी. तक चला सर्च आपरेशन


- छह लोगों को जिन्दा बचाया गया लेकिन दो के गायब होने से गांव में पसरा है सन्नाटा

- कानपुर की फ्लड कम्पनी के चौदह सदस्य लगातार कर रहे हैं खोजबीन

हमीरपुर। यमुना नदी में गुरुवार को एक नाव के डूबने से गायब दो लोगों की खोजबीन के लिए बीस घंटे से लगातार सर्च आपरेशन चलाया जा रहा है लेकिन पुलिस के हाथ अभी खाली हैं। प्रशासन ने कानपुर से फ्लड कम्पनी के एक दस्ते को लगाया है जो शुक्रवार सुबह से ही बांदा जिले तक सर्च आपरेशन चला रही है।

सुरौली हमीरपुर निवासी रामकेश (35) पुत्र रामस्वरूप, मवईधार फतेहपुर सुनील (21) पुत्र रामशंकर, गड़रिया बांदा निवासी रामअवतार (60) पुत्र जलमा, सुरौली बुजुर्ग हमीरपुर निवासी धर्मी निषाद (30) पुत्र इन्द्रपाल, साधना (13) पुत्री रामकेश, अंगद (8) पुत्र धर्मी निषाद, धाने चांदपुर फतेहपुर निवासी जगन्नाथ (50) पुत्र छिदवा व निशा (27) पत्नी धर्मी निषाद गुरुवार को यमुना नदी पार जाने के लिये नाव से जा रहे थे। नाव को दो नाविक चला रहे थे। जैसे ही नाव नदी के बीच धार पहुंची तो लहरों में आकर ये डूब गयी जिससे सभी लोग डूब गये थे जिसमें पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर छह लोगों को बचा लिया था मगर निशा निषाद व जगन्नाथ पानी में बह गये थे।

इन दोनों की तलाश के लिए अपर जिलाधिकारी व अपर पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में यमुना नदी में सर्च आपरेशन चलाया गया लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी। सीओ सदर अनुराग सिंह पूरी रात मौके पर डेरा डाले रहे। अपर जिलाधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि कानपुर से फ्लड कम्पनी को बुलवाकर मौके पर भेजा गया है। फ्लड कम्पनी के 14 सदस्यों ने पूरी नदी खंगाली है लेकिन अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। अपर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने शुक्रवार को दोपहर में बताया कि फ्लड कम्पनी के जवानों ने पड़ोसी बांदा जनपद के चिल्ला घाट तक मृतकों की खोजबीन के लिये सर्च ऑपरेशन जारी है। गांव के प्रधान प्रतिनिधि रामफूल निषाद ने बताया कि सुबह एक शव मिला था जो मौके पर देखने के बाद ये शव अज्ञात निकला है। पुलिस की टीमें और बाहरी फोर्स अभी भी यमुना नदी में सर्च आपरेशन कर रही है। इस घटना से सुरौली गांव में मातम छाया है। घटना में अपनी पत्नी को गंवाने वाला धर्मी निषाद सदमे में है और वह पूरी रात नदी किनारे बैठे रोता रहा।


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