राष्ट्रीय आजीविका मिशन के उपायुक्त को हटाया गया, शामली के लिये तबादला

राष्ट्रीय आजीविका मिशन के उपायुक्त को हटाया गया, शामली के लिये तबादला

हमीरपुर। यूपी के हमीरपुर जिले में मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के पांच दिन बाद एक और अधिकारी को जिले से हटा दिया गया है। आजीविका मिशन के उपायुक्त ज्ञानेश्वर तिवारी का शासन ने शामली के लिये तबादला कर दिया है। अब तक दो अधिकारियों को हटाने के साथ ही दो थानाध्यक्षों सहित चार पुलिस कर्मियों को निलम्बित किया जा चुका है। शासन से हो रही ताबड़तोड़ कार्रवाई से यहां अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीती 22 अक्टूूबर को हमीरपुर में कलेक्ट्रेट मीटिंग हाल में कानून व्यवस्था व विकास कार्यों की समीक्षा की थी। बैठक में महिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ.राजकुमार, आजीविका मिशन के उपायुक्त ज्ञानेश्वर तिवारी, जलनिगम के अधिशाषी अभियंता, जिला कार्यक्रम अधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) सहित कई अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें आयीं थी।
कुरारा थाने के इंस्पेक्टर ए.के. सिंह व ललपुरा थानाध्यक्ष पी.के. यादव के खिलाफ अवैध खनन कराये जाने की शिकायतें मुख्यमंत्री से की गयी थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुये कार्यवाही करने के निर्देश दिये थे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर कुरारा के इंस्पेक्टर व थानाध्यक्ष ललपुरा को निलम्बित कर दिया गया था। ललपुरा थाने के दरोगा व एक सिपाही को भी अवैध वसूली करने के आरोप में एसपी दिनेश कुमार पी ने निलम्बित किया था।
इसके बाद मुख्यमंत्री के निशाने पर आये महिला अस्पताल के सीएमएस को हमीरपुर से हटाकर बांदा स्थानांतरित किया गया। शुक्रवार को आजीविका मिशन के उपायुक्त ज्ञानेश्वर तिवारी को स्थानांतरित करते हुये शामली के लिये कार्यमुक्त कर दिया गया है। उनके स्थान पर बाराबंकी से जी.शान रिजवी की राष्ट्रीय आजीविका मिशन के उपायुक्त पद पर तैनाती की गयी है।
जिलाधिकारी आर.पी. पाण्डेय ने मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के बाद यहां के एक दर्जन अधिकारियों के खिलाफ शासन को कार्यवाही के लिये पत्र भेजा था। जिलाधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि एक दर्जन अधिकारियों के खिलाफ शासन ने रिपोर्ट मांगी थी जिसे तैयार कर शासन को भेजी गयी है। उनका कहना है कि जो भी कार्रवाई हो रही है वह शासन स्तर से हो रही है।

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