बेटी के जन्म लेते ही पति ने पत्नी से बोला तीन तलाक, गिरफ्तार

बेटी के जन्म लेते ही पति ने पत्नी से बोला तीन तलाक, गिरफ्तार


कानपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जहां एक तरफ बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के जरिए सभी को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं, वहीं कुछ ऐसे भी लोग है जो बेटी के जन्म के बाद उसे अपनाने को तैयार नहीं होते। बेटी के जन्म लेते ही कुछ पुरूष अपनी पत्नियों को घर से निकालने के साथ ही तालाक दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला कानपुर के किदवईनगर थाना क्षेत्र का है। यहां बेटी के जन्म की सजा मां को भुगतनी पढ़ रही है। पति ने पत्नी को तीन तलाक देकर उससे किनारा कर लिया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने तीन बार तलाक देने की प्रथा को असंवैधानिक, गैरकानूनी और शून्य करार दिया है।
महिला ने बताया कि पति को जब उसने फोन के जरिए बेटी के जन्म की सूचना दी तो वो गुस्से से लाल हो गया और बोला तलाक, तलाक, तलाक। पीड़िता ने आहत होकर अपने पति के खिलाफ थाने शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पति के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे अरेस्ट कर जेल भेज दिया।
किदवई नगर थाना क्षेत्र के जूही लाल कालोनी में रहने वाले मोहमद उबैद ने अपनी बेटी नूर जबा की शादी सिद्धार्थनगर के रहने वाले ताहिर के साथ बड़े धूमधाम के साथ की थी। नूर जबा के मुताबिक, उसका पति पहले से ही शादीशुदा था, जिसकी जानकारी उसे शादी के 4 महीने बाद चल पाई थी। जिसके बारे में जब उसने अपने पति से पूछा तो उसने उसे पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद उसे जब पता चला की मैं मां बनने वाली हूं तो वो मुझे गांव छोड़ आया। जहां सास और नंद रोजाना मारपीट करने लगे। पीड़िता ने बताया कि मैंने बेटी के जन्म की बात अपने पति ताहिर को दी। इस पर ताहिर ने कहा कि उसने बेटी को जन्म दिया है, अगर वो बेटे को जन्म देती तो वो उसे अपने साथ रख सकता था। मगर बेटी होने के बाद अब उसे अपने साथ उसे किसी कीमत पर नही रखेगा। नूर के पति ने उससे यह भी बोला की वो उसे तलाक देकर तीसरी शादी करेगा। जिसके बाद नूर के परिजनों ने पुलिस से पूरी घटना की जानकारी दी। वही पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए, पीडिता ने पति पर मुकदमा दर्ज कर सिद्धार्थ नगर से ताहिर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पीड़िता पर केस वापस लेने का बनाया जा रहा दबाव
पीड़िता ने बताया कि जब पति ने ट्रिपल तलाक बोल दिया और मुझसे दूरी बना ली तो पुलिस के पास गई। जानकारी होने पर कई मौलानाओं ने मेरे पिता से मिलकर केस वापस लेने का दबाव बनाया। मौलाना कहते थे कि पति ने तुम्हें तीन तलाक दे दिया है, केस करने के बजाय इस्लाम के बताए रास्ते पर चलो। किसी दूसरे मर्द से निकाह कर लो। लेकिन मैने ठान लिया था कि पति को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाकर रहूंगी। पीड़िता अपने पिता के घर अपनी माशूम बेटी के साथ रह कर इंसाफ के लिय लड़ाई लड़ रही है।

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