कानपुर: सेना का जवान गंगा में डूबा, तलाश जारी

कानपुर: सेना का जवान गंगा में डूबा, तलाश जारी


कानपुर। चौबेपुर थाना क्षेत्र में अवकाश पर घर आये सेना में तैनात जवान दोस्तों व परिजनों के साथ टूटाघाट पर गंगा नदी में नहाते समय गहरे पानी में डूब गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पीएसी के गोताखोरों को उसकी तलाश में लगाया। अभी तक जवान का पता नहीं चल पाया है। वहीं गोताखोरों को बुलाने में देरी के चलते परिजनों व क्षेत्रीय लोगों ने हंगामा किया।

भाऊपुर माधव सिंह के रहने वाले फूल सिंह यादव का बेटा रोहित कुमार यादव (24) सेना में जवान है। इन दिनों जवान की तैनाती अरुणाचल प्रदेश के चाइना बॉर्डर पर है। परिवार में मां शशि, बहन ज्योति व छह माह पूर्व हुई शादी के बाद पत्नी मोनी है। बीते माह 22 जुलाई को जवान एक माह की छुट्टी पर घर आया था। सेना में तैनात इकलौते भाई के रक्षाबंधन पर्व पर घर में होने के चलते बहन ज्योति के साथ ही परिजन काफी खुश थे।

श्रावण मास के अंतिम सोमवार होने के चलते आज सेना का जवान अपने दोस्त व पारिवारिक सदस्य मधुकर यादव, मुलायम सिंह यादव, रोहित और भैरव के साथ सलेमपुर गांव के पास टूटाघाट पर गंगा नदी में नहाने गया था। जहां नहाते समय गहरे पानी में जाने से अचानक जवान डूबने लगा। जब तक लोग कुछ समझ पाते और शोर मचाकर गोताखोरों को बुलाते जवान तेज बहाव में लापता हो गया।

सूचना मिलते ही चौबेपुर थाना पुलिस पहुंची और स्थानीय गोताखोरों को बुलाया गया। स्थानीय गोताखोर गंगा में पानी अधिक होने के चलते डूबे जवान को खोजने में असफल रहे। इसके साढ़े पांच घंटे बाद पीएसी के गोताखोरों को बुलाया गया, जिन्होंने गंगा में डूबे जवान की तलाश शुरु की। इस बीच देरी के चलते स्थानीय पुलिस को ग्रामीणों के गुस्से व हंगामे का सामना करना पड़ा। मामले की जानकारी पर घाट पहुंची मां, बहन, पत्नी के साथ गांव की भीड़ घाट पहुंच गई, जिन्हें ग्रामीणों ने किसी तरह से संभाला।

बिल्हौर क्षेत्राधिकारी देवेन्द्र मिश्रा ने बताया कि अवकाश पर आया जवान गंगा में नहाते समय डूबे गया है। उसकी तलाश गोताखोरों की टीम को बुलाकर की जा रही है। बहाव के चलते तलाश में परेशानी सामने आ रही है। इसको देखते हुए पानी में जाल डालने के साथ ही नावों का सहारा लिया जा रहा है।

अब किसी कलाई पर बहन बांधेगी राखी

छुट्टी लेकर घर आए भाई को लेकर बहन ज्योति काफी खुश थी। उसकी खुशी दोगुनी इसलिए भी थी कि इस बार रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधेगी। इसको लेकर उसने तैयारियां भी पूरी कर ली थी। बाजार से कई प्रकार की राखियां लेकर वह भाई की कलाई पर बांधने के लिए लेकर आ चुकी थी। गंगा में भाई के डूबने की जानकारी पर घाट किनारे पहुंची बहन रोते हुए यही कहती जा रही थी कि अब वह किसकी कलाई पर राखी बांधेगी।


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