उन्नाव मामला: फाइनेंस कंपनी का दावा, ट्रक मालिक पर नहीं बनाया था दवाब

उन्नाव मामला: फाइनेंस कंपनी का दावा, ट्रक मालिक पर नहीं बनाया था दवाब


कानपुर - उत्तर प्रदेश के रायबरेली में उन्नाव की बलात्कार पीड़िता की कार में टक्कर मारने वाले ट्रक के मालिक के बयान को झुठलाते हुये फाइनेंस कंपनी ने दावा किया है कि वाहन की किस्तों को लेकर उसने कोई दवाब नहीं बनाया था।

रायबरेली के गुरूबख्शगंज क्षेत्र में पिछले रविवार को एक सड़क हादसे में उन्नाव की बलात्कार पीड़िता और उसके वकील गंभीर रूप से घायल हो गये थे जबकि उसकी चाची और मौसी की मृत्यु हो गयी थी। बारिश के बीच तेज रफ्तार से आ रहे ट्रक की नम्बर प्लेट में ग्रीस लगी हुयी थी। इस बारे में ट्रक के मालिक का तर्क है कि ट्रक के लिये फाइनेंस कंपनी से कर्ज लिया गया था और किस्तें अदा नहीं करने के चलते उसने कंपनी के कर्मचारियों से बचने के लिये नम्बर प्लेट पर ग्रीस लगावाई थी।

इस बारे में कानपुर के चुन्नीगंज स्थित फाइनेंस कंपनी के प्रबंधक शशि कुमार ने शनिवार को कहा कि किस्त को लेकर ट्रक मालिक देवेन्द्र किशोर पाल पर कंपनी का कोई दवाब नहीं था। हाल ही में वाहन मालिक ने ट्रक की दो किस्ते एक साथ जमा की थी और आज की तारीख में उस पर सिर्फ दो किस्तें बकाया हैं।

उन्होने कहा कि वैसे भी कंपनी पैसे की अदायगी के लिये सड़क पर वाहन पर कब्जा नहीं करती है। ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुये बाकायदा नोटिस भेजा जाता है।

उधर, सूत्राें के अनुसार कंपनी की ओर से बकाया रकम की अदायगी के लिये पिछली 15 जुलाई को एक नोटिस ट्रक मालिक को भेजा गया था जिसमें कहा गया था कि कंपनी ट्रक को अपने कब्जे में ले सकती है और उसे नीलाम कर अपना बकाया वसूल सकती है। इसके बाद वाहन मालिक ने दो किस्तों का पैसा जमा कर दिया था।


Share it
Top